लोकायुक्त ने राज्यपाल को सौंपी 53वीं वार्षिक रिपोर्ट; 2025 के अंत तक 4,080 मामले रहे लंबित

मुंबई। महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं और विभिन्न शिकायतों को लेकर लोकायुक्त कार्यालय के पास वर्ष 2025 में कुल 8,547 नई शिकायतें पहुंचीं। इनमें से 4,678 शिकायतें पंजीकृत की गईं, जबकि वर्ष के दौरान 4,885 मामलों का निपटारा किया गया। वर्ष 2025 के अंत तक लोकायुक्त कार्यालय में 4,080 मामले लंबित रहे। सोमवार को राज्य के लोकायुक्त न्यायमूर्ति वि. मु. कानडे (सेवानिवृत्त) ने लोकभवन, मुंबई में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से मुलाकात कर लोकायुक्त एवं उपलोकायुक्त के कामकाज से संबंधित 53वीं वार्षिक रिपोर्ट सौंपी। महाराष्ट्र लोकायुक्त एवं उपलोकायुक्त अधिनियम, 1971 की धारा 12 की उपधारा (6) के तहत प्रस्तुत रिपोर्ट में वर्ष 2025 के कामकाज का विवरण दिया गया है। लोकायुक्त कार्यालय के अनुसार, वर्ष के दौरान प्राप्त 8,547 नई शिकायतों में से 3,869 शिकायतें बिना हस्ताक्षर वाली थीं अथवा अन्य प्राधिकरणों को संबोधित आवेदनों की प्रतियां थीं, जिसके कारण उन्हें पंजीकृत नहीं किया गया। इस तरह कुल 4,678 नई शिकायतें दर्ज की गईं। वर्ष की शुरुआत में 4,287 मामले पहले से लंबित थे, जिसके चलते 2025 में कार्रवाई के लिए कुल 8,965 मामले उपलब्ध थे। लोकायुक्त कार्यालय के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान कुल 4,885 पंजीकृत मामलों का निपटारा किया गया, जबकि वर्ष के अंत तक 4,080 मामले लंबित रहे। रिपोर्ट में बताया गया कि महाराष्ट्र की लोकायुक्त संस्था ने पिछले पांच दशकों में बड़ी संख्या में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान किया है। पिछले कुछ वर्षों में 82.71 प्रतिशत से अधिक शिकायतों में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का निवारण किया गया है।



