
मुंबई। ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को मुंबई के कोने-कोने तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका की ओर से आयोजित ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान का शुभारंभ सायन स्थित लोकमान्य तिलक हॉस्पिटल में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की प्रमुख उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के हाथों राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम में सहभागी स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सम्मान किया गया। महाराष्ट्र लोकभवन के पहल पर आयोजित ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान के उद्घाटन समारोह में मुंबई की महापौर रितू तावडे, उपमहापौर संजय घाडी, विधायक कॅप्टन तमिल सेल्वन, विधायक डॉ ज्योती गायकवाड, विधायक सुनील शिंदे, महानगरपालिका की सार्वजनिक स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष हरीश भांदिर्गे, शिक्षा समिति की अध्यक्ष राजेश्री शिरवाडकर, मार्केट एवं गार्डन समिति के उपाध्यक्ष भास्कर शेट्टी, अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त विपीन शर्मा, राज्यपाल के सचिव डॉ प्रशांत नारनवरे, डॉक्टर, आशा सेविकाएं तथा महानगर पालिका के अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान पर आधारित एक जानकारी पुस्तिका का भी राज्यपाल के हाथों विमोचन किया गया। राज्यपाल ने कहा कि बृहन्मुंबई और आसपास के क्षेत्रों की आबादी लगभग दो करोड़ तक पहुंच चुकी है। अत्यधिक जनसंख्या घनत्व के कारण टीबी जैसे संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा अधिक रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र लोकभवन की पहल पर ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान शुरू किया गया है, जिसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। राज्यपाल ने कहा कि यदि मुंबई को टीबी मुक्त बनाने में सफलता मिलती है, तो यह केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए एक उदाहरण बनेगा और इससे मुंबई की वैश्विक छवि और अधिक मजबूत होगी। इस अभियान के विभिन्न चरणों में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थी, रेड क्रॉस सोसायटी, एनसीसी, ‘माय युवा भारत’ के स्वयंसेवक, स्काउट्स एवं गाइड, स्वयंसेवी संस्थाएं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि समय पर उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है तथा सरकार द्वारा इसकी जांच और उपचार की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। यह जानकारी जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत का टीबी मुक्त होना आवश्यक है और इस दिशा में ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार और समाज मिलकर कार्य करें तो सफलता अवश्य मिलती है। कार्यक्रम के पूर्व राज्यपाल ने धारावी स्थित एकनाथराव गायकवाड हेल्थ सेंटर का दौरा कर क्षयरोग अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आशा सेविकाओं से संवाद किया तथा टीबी मरीजों को पोषण आहार किट वितरित किए। इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने 30 क्षयरोग मरीजों के पोषण आहार की जिम्मेदारी स्वीकार की। राज्यपाल के इस निर्णय के लिए महापौर रितू तावडे ने उन्हें ‘निक्षय मित्र’ प्रमाणपत्र प्रदान किया। इस अवसर पर राज्यपाल के हाथों भारत पेट्रोलियम, नायरा एनर्जी, अदानी फाउंडेशन तथा मेट्रोपोलीस हेल्थकेअर को क्षयरोग उन्मूलन अभियान में उनके योगदान के लिए प्रशस्ति प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।




