मुंबई। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में कोकण रेलवे के शिल्पकार और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय मधु दंडवते के सम्मान में सावंतवाडी रेलवे स्टेशन का नाम बदलने, शासकीय कर्मचारियों के तबादलों को अवधि विस्तार देने, डोंबिवली स्थित पिंपळेश्वर देवस्थान ट्रस्ट को जमीन देने तथा नागपुर की बड़ी परियोजनाओं के लिए मुद्रांक एवं पंजीकरण शुल्क माफ करने जैसे निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने सावंतवाडी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर “लोकमान्य मधु दंडवते रेलवे टर्मिनस” करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। स्वर्गीय मधु दंडवते को कोकण रेलवे का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है और कोकण क्षेत्र में रेल संपर्क विकसित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्षों से स्थानीय नागरिक और कोकणवासी सावंतवाडी स्टेशन को उनका नाम देने की मांग कर रहे थे। अब राज्य सरकार केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय को औपचारिक प्रस्ताव भेजेगी। मंजूरी मिलने के बाद स्टेशन का नाम आधिकारिक रूप से बदला जाएगा। बैठक में जनगणना 2027 की प्रक्रिया को देखते हुए राज्य के शासकीय कर्मचारियों के वर्ष 2026 के सामान्य तबादलों को भी समयावधि विस्तार देने का फैसला लिया गया। अब सरकार 30 जून 2026 तक तबादला प्रक्रिया लागू कर सकेगी। इसके लिए महाराष्ट्र शासकीय कर्मचारियों के तबादलों के नियमन तथा शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में विलंब की रोकथाम अधिनियम 2005 में संशोधन किया जाएगा। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों के तबादले फिलहाल नहीं किए जाएंगे। उद्योग विभाग से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में डोंबिवली औद्योगिक क्षेत्र के मौजे सागांव-सोनारपाडा स्थित पिंपळेश्वर देवस्थान मंदिर ट्रस्ट को चार एकड़ 25 गुंठे जमीन नाममात्र दर पर देने को मंजूरी दी गई। यह जमीन महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) की अधिग्रहित भूमि पर किए गए अतिक्रमण को नियमित कर ट्रस्ट को उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय को भविष्य में किसी अन्य मामले में मिसाल के रूप में उपयोग नहीं किया जाएगा और MIDC को ऐसे मामलों के लिए स्वतंत्र नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने न्यू नागपुर एवं आउटर रिंग रोड परियोजना के लिए निजी भूमि अधिग्रहण से जुड़े लेनदेन पर मुद्रांक शुल्क और पंजीकरण शुल्क माफ करने को भी मंजूरी दी। नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में इंटरनेशनल बिजनेस एंड फाइनेंस सेंटर, 148 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड तथा यातायात टर्मिनल शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण पर लगभग 637 करोड़ रुपये के शुल्क देय थे, जिन्हें अब महाराष्ट्र मुद्रांक अधिनियम के तहत माफ किया जाएगा, ताकि परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।