
‘आपला दवाखाना’ का तेजी से विस्तार, अक्टूबर 2025 से जून 2026 के बीच शहरी स्वास्थ्य संस्थाएं 2,538 से बढ़कर 3,767 हुईं
मुंबई। महाराष्ट्र के शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को उनके घर के नजदीक आसानी से गुणवत्तापूर्ण और समावेशी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने शहरी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गुरुवार को सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि आयुक्तालय के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम, प्रभावी और जनोन्मुख बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय और रणनीतिक उपाय लागू किए जा रहे हैं। ‘शहरी आयुक्तालय की प्रशासनिक संरचना’ और ‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना’ योजना की समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के शहरी आयुक्त डॉ. सुनील भोकरे, अतिरिक्त अभियान संचालक जगन्नाथ वीरकर, सहसंचालक दीप्ति देशमुख-पाटील सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बढ़ती शहरी आबादी को ध्यान में रखकर स्वास्थ्य व्यवस्था का विस्तार
मंत्री आबिटकर ने कहा कि तेजी से बढ़ती शहरी आबादी की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए सरकार ने शहरी स्वास्थ्य व्यवस्था का व्यापक खाका तैयार किया है। प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लेकर कमियों को दूर करने और स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रत्येक स्तर पर समाधान-आधारित कार्यप्रणाली (Solution Oriented Approach) अपनाने के निर्देश दिए।
राज्य की 428 शहरी स्थानीय संस्थाओं में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
राज्य में वर्तमान में 29 महानगरपालिकाओं और 399 नगर परिषदों, नगर पंचायतों एवं छावनी बोर्डों सहित कुल 428 शहरी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का काम चल रहा है। इन क्षेत्रों में 2,932 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं ‘आपला दवाखाना’, 818 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 44 शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य 105 स्वास्थ्य संस्थाएं कार्यरत हैं।
नौ महीनों में 1,229 और शहरी स्वास्थ्य संस्थाएं हुईं कार्यान्वित
अक्टूबर 2025 से जून 2026 के बीच शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं के संचालन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या 1,041 से बढ़कर 2,006 हो गई, जबकि ‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना’ केंद्र 432 से बढ़कर 674 हो गए। इस अवधि में कुल कार्यान्वित शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं की संख्या 2,538 से बढ़कर 3,767 हो गई। मंत्री आबिटकर ने शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध मानव संसाधन का नियमित मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सक्षम और कार्यकुशल कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था के प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करने और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए लगातार निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।
‘आपला दवाखाना’ की सेवा गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर
‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना’ योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन, सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार और नागरिकों का विश्वास बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन के माध्यम से विश्वसनीय, सक्षम और नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक उपाय लगातार लागू करने के निर्देश दिए गए। शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बुनियादी ढांचा विकसित करने, रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने, जनआरोग्य एवं महिला स्वास्थ्य समितियों को सक्रिय करने और ‘आरोग्यदूत’ अवधारणा लागू करने पर भी जोर दिया जाएगा। मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। शहरी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत कर प्रत्येक परिवार तक प्रभावी स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

