
मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) राज्य के नागरिकों को स्वस्थ, शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 को सख्ती से लागू कर रहा है। हाल ही में दूध में मिलावट के बढ़ते मामलों को देखते हुए, एफडीए ने 1 अप्रैल 2025 की रात से 2 अप्रैल 2025 की सुबह तक मुंबई में प्रवेश करने वाले दूध टैंकरों की विशेष जांच अभियान चलाया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरोहरी जिरवाल के नेतृत्व में तीन मुख्य जांच चौकियों- मानखुर्द (वाशी), दहिसर और ऐरोली पर दूध टैंकरों की कड़ी निगरानी की गई। इस दौरान कुल 79 दूध टैंकरों में 1,51,894 लीटर दूध की जांच की गई, जिसमें मानखुर्द चेक पोस्ट पर 51 वाहनों में 1,04,538 लीटर, दहिसर चेक पोस्ट पर 10 वाहनों में 27,704 लीटर और ऐरोली चेक पोस्ट पर 18 वाहनों में 19,652 लीटर दूध की जांच की गई। इसके अलावा, विभिन्न ब्रांडों के 108 दूध के नमूने (पैक और खुले दूध) लिए गए, जिनकी प्रयोगशाला जांच की जा रही है, और रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट को रोकने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एफडीए विशेष अभियान चला रहा है, जिसे मंत्री नरोहरी जिरवाल, राज्य मंत्री योगेश कदम और एफडीए आयुक्त राजेश नारवेकर के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। भले ही ग्रेटर मुंबई डिवीजन में स्टाफ की कमी बनी हुई है, फिर भी एफडीए अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ दूध की गुणवत्ता पर नजर बनाए हुए हैं। यह अभियान महाराष्ट्र सरकार की खाद्य सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह सुनिश्चित करता है कि राज्य के लोगों को शुद्ध और मिलावट रहित दूध मिले।




