मुंबई। महाराष्ट्र अत्याधुनिक मौसम पूर्वानुमान प्रणाली “भारत फोरकास्ट सिस्टम” (BharatFS) का उपयोग करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। गुरुवार को आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि इस नई प्रणाली से मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी, स्थानीय स्तर पर आपदा तैयारी और समन्वित प्रतिक्रिया क्षमता में बड़ा सुधार होगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र राज्य आपदा व्यवस्थापन प्राधिकरण (SDMA) ने भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान(IITM) पुणे के साथ सामंजस्य करार (MoU) किया है, जिससे राज्य की आपदा पूर्व तैयारी और अतिवृष्टि जैसी मौसम जनित आपदाओं से निपटने की क्षमता और मजबूत होगी। ‘मिशन मौसम’ के तहत विकसित हुई स्वदेशी प्रणाली यह प्रणाली भारत सरकार के भारत मौसम विज्ञान विभाग(IMD) के “मिशन मौसम” कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित की गई है। अब “भारत फोरकास्ट सिस्टम” का उपयोग राज्य की निर्णय प्रक्रिया में सीधे किया जाएगा। इसे राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) और भू-स्थानिक निर्णय सहायता प्रणाली (GeoDSS) के माध्यम से लागू किया जाएगा। मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि इस पहल के जरिए महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने डेटा और आधुनिक कार्यप्रवाहों के माध्यम से आपदा प्रबंधन और पूर्व चेतावनी प्रणाली को अधिक सक्षम बनाया है। गांव और उपतहसील स्तर तक मिलेगा सटीक मौसम पूर्वानुमान “भारत फोरकास्ट सिस्टम” 6 किमी × 6 किमी क्षेत्र के लिए अत्यंत सूक्ष्म और उच्च गुणवत्ता वाला मौसम पूर्वानुमान तैयार कर सकती है। इससे ग्राम पंचायत और उपतहसील स्तर तक सटीक मौसम जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इससे पहले 12 किमी × 12 किमी क्षेत्र आधारित पूर्वानुमान उपलब्ध होते थे। नई प्रणाली के जरिए हीटवेव, भारी बारिश, तूफान, बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं के संबंध में अधिक तेज और प्रभावी तैयारी संभव होगी। मौसम संबंधी जानकारी हर तीन घंटे में अपडेट की जाएगी। इसमें वर्षा, अधिकतम और न्यूनतम तापमान, वायुदाब, हवा की दिशा और गति तथा बादलों की स्थिति की लगभग वास्तविक समय में जानकारी मिलेगी। मोबाइल संदेश और सायरन से पहुंचेगी चेतावनी इस पहल के अंतर्गत नागरिकों को हर तीन घंटे में हाई-रिजोल्यूशन मौसम पूर्वानुमान, प्रभाव आधारित पूर्व चेतावनी (IBF), स्वचालित अलर्ट प्रणाली तथा सायरन, मोबाइल संदेश और सार्वजनिक प्रसारण के माध्यम से एक साथ चेतावनी संदेश उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे अंतिम छोर तक रहने वाले नागरिकों तक समय पर चेतावनी पहुंचाना अधिक प्रभावी होगा। आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास विभाग की प्रधान सचिव विनीता सिंगल ने कहा कि इस सहयोग से राज्य और जिला स्तर की निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज और डेटा आधारित बनेगी। वहीं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक डॉ. भालचंद्र चव्हाण ने कहा कि वैज्ञानिक मौसम जानकारी अब सीधे जिला प्रशासन और स्थानीय तंत्र तक पहुंचेगी, जिससे नागरिकों की सुरक्षा और मजबूत होगी। आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम पूर्व चेतावनी और आपदा संबंधी जानकारी एसडीएमए के आधिकारिक माध्यमों से नियमित रूप से प्राप्त करें। आपातकालीन सहायता के लिए एसडीएमए हेल्पलाइन 1070, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) हेल्पलाइन 1077 तथा एम्बुलेंस एवं मेडिकल इमरजेंसी सेवा 108 जारी की गई है।