Thursday, May 21, 2026
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महाराष्ट्र ने दक्षिण कोरिया के साथ किए तीन बड़े समझौते, युवाओं को मिलेंगे वैश्विक रोजगार और आधुनिक कौशल प्रशिक्षण के अवसर

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने दक्षिण कोरिया के प्रमुख संस्थानों के साथ कौशल विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। गुरुवार को सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय (DVET) और कोरिया पॉलीटेक्निक्स, महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी (MSSDS) और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर लाइफलॉन्ग एजुकेशन, तथा रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय और कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (KAIST) के बीच ये समझौते संपन्न हुए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि दक्षिण कोरिया ने उद्योग, तकनीक और कौशल विकास के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई है। इन समझौतों के माध्यम से कोरियाई तकनीकी विशेषज्ञता और आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली महाराष्ट्र तक पहुंचेगी, जिससे राज्य के युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में लगभग 660 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला महाराष्ट्र आने वाले समय में 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इसके लिए अत्यधिक कुशल मानव संसाधन तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये समझौते उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्य के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि इन साझेदारियों से महाराष्ट्र के युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक कौशल और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा ने बताया कि राज्य की ‘दक्ष’ पहल के तहत ‘कोरिया-वर्ल्ड बैंक पार्टनरशिप फैसिलिटी’ की सहायता से महाराष्ट्र के तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंबई में 21 और 22 मई को आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में भारत सरकार, महाराष्ट्र सरकार और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञ एक साझा मंच पर एकत्र हुए हैं। DVET और कोरिया पॉलीटेक्निक्स के बीच हुए समझौते के तहत महाराष्ट्र में दक्षिण कोरिया के “लर्निंग फैक्टरी मॉडल” पर आधारित एडवांस्ड ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रायोगिक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार के अनुसार इन केंद्रों के लिए रणनीतिक मैनुअल सितंबर 2026 तक तैयार किए जाएंगे, जबकि मार्च 2027 से जून 2028 के बीच इनके पूरी तरह शुरू होने की संभावना है। MSSDS और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर लाइफलॉन्ग एजुकेशन के बीच हुए समझौते का उद्देश्य महाराष्ट्र के लिए लाइफलॉन्ग लर्निंग पॉलिसी फ्रेमवर्क तैयार करना तथा डिजिटल लर्निंग और रीस्किलिंग सिस्टम विकसित करना है। वहीं, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय और KAIST के बीच हुए समझौते के तहत सस्टेनेबिलिटी और डिजिटल इनोवेशन पर संयुक्त शोध कार्य किए जाएंगे। इस साझेदारी के अंतर्गत विश्वविद्यालय के चयनित फैकल्टी सदस्य, स्टाफ और पूर्व छात्र दक्षिण कोरिया में मास्टर और डॉक्टोरल प्रोग्राम में भाग ले सकेंगे। इसके अलावा, दोनों संस्थान मिलकर ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी पर संयुक्त रिसर्च सेंटर भी स्थापित करेंगे। सरकार का मानना है कि इन समझौतों से महाराष्ट्र के युवाओं को न केवल आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि वैश्विक रोजगार बाजार में भी नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।

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