
इंद्र यादव
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने आज प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव करते हुए राज्य के 6 महत्वपूर्ण जिलों के पालक सचिवों की नियुक्तियों में फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार, विकास कार्यों की निगरानी और प्रशासनिक तालमेल को बेहतर बनाने के लिए अनुभवी आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक गति बढ़ाने के लिए मनीषा वर्मा (मुंबई शहर), मिलिंद म्हैसकर (वर्धा), तुकाराम मुंडे (परभणी), मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल (गडचिरोली), किरण कुलकर्णी (वाशिम) और आप्पासो धुलाज (रत्नागिरी) को उनके संबंधित विभागों के साथ नए पालक सचिव के रूप में नियुक्त किया है।
तुकाराम मुंडे की एंट्री: अपनी कड़क कार्यशैली के लिए मशहूर तुकाराम मुंडे को अब परभणी जिले की कमान दी गई है। इससे जिले के विकास कार्यों और प्रशासन में कसावट आने की उम्मीद है।
मुंबई शहर में नया नेतृत्व: डॉ. आई.एस.चहल के सेवानिवृत्त होने के बाद मनीषा वर्मा को मुंबई शहर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गडचिरोली पर विशेष ध्यान: राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल खुद अब गडचिरोली जैसे संवेदनशील और दूरदराज के जिले के पालक सचिव होंगे, जो यह दर्शाता है कि सरकार इस क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर है। क्या होता है पालक सचिव का काम: पालक सचिव का मुख्य काम जिले में चल रही सरकारी योजनाओं की समीक्षा करना, जिला नियोजन समिति की बैठकों में शामिल होना और स्थानीय प्रशासन व मंत्रालय के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करना होता है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सभी अधिकारियों को अपने संबंधित जिलों का प्रभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।




