
ग्रामीण छात्रों को शिक्षा से जोड़ने में निभा रही अहम भूमिका, मुफ्त यात्रा और रियायती पास योजनाओं से मिल रहा बड़ा सहारा: मंत्री प्रताप सरनाईक
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एमएसआरटीसी) की ‘लालपरी’ अब केवल यात्रियों के आवागमन का साधन नहीं, बल्कि राज्य के लाखों स्कूली विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य की भरोसेमंद जीवनरेखा बन चुकी है। रविवार को परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने कहा कि दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने की सामाजिक जिम्मेदारी एसटी महामंडल कई दशकों से प्रभावी ढंग से निभा रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल के समय बस स्टैंडों पर पर्यवेक्षक कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है। ये कर्मचारी विद्यार्थियों को सुरक्षित तरीके से बस में चढ़ने और उतरने में मदद करते हैं। इसके अलावा यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए एसटी महामंडल ने अलग टोल-फ्री हेल्प सेंटर भी शुरू किया है, जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों का भरोसा और मजबूत हुआ है। मंत्री सरनाईक ने बताया कि राज्यभर में प्रतिदिन 30,177 विशेष स्कूल बस फेरियों के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों को सुरक्षित और नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए एसटी महामंडल विभिन्न रियायती यात्रा योजनाओं का प्रभावी ढंग से संचालन कर रहा है। उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई होलकर योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा 5वीं से 12वीं तक पढ़ने वाली छात्राओं को एसटी बसों में 100 प्रतिशत मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा शैक्षणिक भ्रमण के लिए 50 प्रतिशत किराया छूट, मासिक छात्र पास पर 66.67 प्रतिशत रियायत तथा गर्मी की छुट्टियों, परीक्षाओं, शैक्षणिक शिविरों या बीमार अभिभावकों से मिलने के लिए यात्रा पर भी 50 प्रतिशत किराया छूट दी जाती है। आर्थिक वर्ष 2025-26 में एसटी महामंडल ने 25.13 लाख अहिल्याबाई होलकर पास और 27.98 लाख मासिक छात्र पास जारी किए हैं। विद्यार्थियों के लिए एनसीएमसी (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे उनका सफर अधिक आधुनिक, आसान और पारदर्शी होगा। उन्होंने कहा कि कौशल सेतु अभियान के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को यात्रा किराए में 66.67 प्रतिशत छूट दी जा रही है। वहीं मानव विकास योजना के अंतर्गत राज्य के 22 जिलों में 966 एसटी बसों के माध्यम से 73,621 छात्राओं को निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि “‘लालपरी’ आज केवल सड़क पर दौड़ने वाली बस नहीं, बल्कि हर विद्यार्थी के सपनों की सारथी, हर अभिभावक के विश्वास की गारंटी और महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की ज्ञानवाहिनी बन चुकी है।” उन्होंने भरोसा जताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा का दीप जलाए रखने के लिए एसटी महामंडल भविष्य में भी और अधिक संवेदनशीलता, समर्पण और मजबूती के साथ कार्य करता रहेगा।



