
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केआरसीएल) के भारतीय रेलवे में विलय को अपनी मंजूरी देगी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विधान परिषद में घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस कदम से केआरसीएल को अपनी वित्तीय बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी, जबकि इसका नाम ‘कोंकण रेलवे’ बरकरार रहेगा। वर्तमान में केआरसीएल भारतीय रेलवे के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। राज्य विधानमंडल के ऊपरी सदन में भाजपा के प्रवीण दारेकर के प्रश्न के उत्तर में फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र विलय के लिए अपनी सहमति से केंद्र को अवगत कराएगा। उन्होंने बताया कि केरल, कर्नाटक और गोवा पहले ही इस विलय को मंजूरी दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, चाहे रेलवे पटरियों का दोहरीकरण हो या भूस्खलन निरोधक उपाय करना हो, निगम धन की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ सका। अपनी सहमति जताते हुए हमने केंद्र सरकार से कोंकण रेलवे का नाम बरकरार रखने का अनुरोध किया है, जिसे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वीकार कर लिया है।फडणवीस ने कहा कि विलय के बाद कोंकण रेलवे को पटरियों के दोहरीकरण, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और दुर्घटना निवारण उपायों के कार्यान्वयन के लिए अधिक धनराशि प्राप्त होगी, जिससे क्षेत्र में रेलवे अधोसंरचना के विकास को गति मिलेगी।




