
मुंबई। कांदिवली (पूर्व) स्थित आकुर्ली क्रॉस रोड क्रमांक-3 का नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक एवं कार्यकर्ता स्वर्गीय पुरुषोत्तम रामचंद्र (भाऊराव) बेलवलकर के नाम पर रखा गया। 3 जुलाई को पायोनियर स्कूल में आयोजित नामकरण समारोह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह एवं वर्तमान अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैय्याजी जोशी की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विधायक अतुल भातखलकर, विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, महिलाएं तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।समारोह को संबोधित करते हुए भैय्याजी जोशी ने कहा कि “मुझे संघ को समझने का अवसर भाऊराव बेलवलकर जैसे कार्यकर्ताओं के जीवन से मिला। संघ को लोग इसलिए समझते हैं क्योंकि उसे जीने वाले लोग समाज में मौजूद हैं। संघ के कठिन मार्ग पर चलते हुए मैंने भाऊराव को कभी क्रोधित होते नहीं देखा। उनका जीवन अनुशासन, समर्पण और सेवा का आदर्श उदाहरण था। संघ में पद या प्रसिद्धि की अपेक्षा किए बिना हजारों स्वयंसेवक राष्ट्रकार्य में अपना जीवन समर्पित करते हैं और ऐसे कार्यकर्ताओं का नेतृत्व भाऊराव जैसे व्यक्तित्व ने किया। उनका पूरा जीवन भारत माता की सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित साधना था। विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में अनेक विकास कार्य करने का अवसर मिला, लेकिन किसी योग्य व्यक्ति के नाम पर किसी मार्ग का नामकरण कराने का जो संतोष मिलता है, वह अलग ही है। जब कुछ वर्ष पहले यह प्रस्ताव रखा गया था, तब कई लोगों ने पूछा था कि ‘भाऊराव बेलवलकर कौन हैं?’ लेकिन जीवनभर प्रचार-प्रसार से दूर रहकर राष्ट्रसेवा करना ही उनके स्वयंसेवक जीवन की सबसे बड़ी पहचान रही। स्व. भाऊराव बेलवलकर के ज्येष्ठ पुत्र रामचंद्र बेलवलकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह दिन उनके परिवार के लिए ऐतिहासिक और भावनात्मक है। उन्होंने बताया कि मुंबई महानगर के प्रचारक शिवरामपंत जोगळेकर के संपर्क में आने के बाद भाऊराव पूरी तरह संघकार्य में समर्पित हो गए। उन्होंने संघ कार्य के साथ-साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन किया। वे कबड्डी, हुतूतू, बिलियर्ड्स और कैरम जैसे खेलों में भी विशेष दक्षता रखते थे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाईक का शुभकामना संदेश भी पढ़कर सुनाया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं स्व. भाऊराव बेलवलकर के व्यक्तित्व और कृतित्व का परिचय चंद्रशेखर वझे ने कराया, जबकि रामकृष्ण बेलवलकर ने आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ।



