
मुंबई। मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 ने साइबर ठगी और गैर-कानूनी ऑनलाइन गेमिंग के लिए बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके कथित सरगना सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, लैपटॉप, कंप्यूटर तथा कंपनियों से संबंधित दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद शब्बीर अब्दुल करीम (42), चिराग मोहनलाल चावड़ा (29), भावेश हिरजी माहेश्वरी (29), रोहन मोहनलाल चावड़ा (28), विशाल प्रेमजी मारू (22) और गोविंद विरजी बुचिया (29) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इनमें एक आरोपी महाराष्ट्र का निवासी है, जबकि शेष पांच आरोपी गुजरात के रहने वाले हैं। क्राइम ब्रांच यूनिट-2 को गुप्त सूचना मिली थी कि मजगांव स्थित एक कार्यालय से नए खोले गए बैंक खातों की जानकारी और सिम कार्ड एकत्र कर उन्हें सक्रिय किया जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन बैंक खातों और सिम कार्डों का कथित तौर पर दुबई सहित अन्य स्थानों से संचालित साइबर ठगी और अवैध ऑनलाइन गेमिंग नेटवर्क में इस्तेमाल किया जा रहा था। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्यालय पर छापा मारकर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह बड़े पैमाने पर बैंक खाते खुलवाने, सिम कार्ड जुटाने और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का संगठित नेटवर्क चला रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 66 एटीएम कार्ड, विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों के 12 सिम कार्ड, दो लैपटॉप, एक कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर, 17 बैंक पासबुक, 122 चेक बुक, दो पेन ड्राइव, 68 कंपनियों की सील, बैंक खाता खोलने के फॉर्म, बिजली के बिल, कंपनी पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद किए हैं। इस मामले में पायधोनी पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 8 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, वित्तीय लेन-देन और साइबर अपराध से जुड़े अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस गिरोह से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।



