
उल्हासनगर। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और पुलिस ने शुक्रवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए कैंप नंबर-3 स्थित एक पशु बाड़े पर छापा मारकर प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की 612 प्लास्टिक बोतलें जब्त की हैं। मामले में बाड़े के मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जसलॉक हाई स्कूल के पास ओटी सेक्शन स्थित एक पशु बाड़े में भैंसों को कथित रूप से अवैध रूप से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर सेंट्रल पुलिस स्टेशन की डिटेक्शन टीम और एफडीए अधिकारियों ने संयुक्त छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बाड़े के मालिक प्रकाश वाधवानी के कब्जे से 612 बोतलें बरामद की गईं। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन गोरे ने बताया कि मामले में सेंट्रल पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जब्त किए गए इंजेक्शन की आपूर्ति इलाके के अन्य पशु बाड़ों में भी की जा रही थी या नहीं। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक कोली के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में पुलिस उपनिरीक्षक बालासाहेब कोब्रणे, पुलिसकर्मी सुभाष सूर्यवंशी, जितेंद्र चौधरी, किशोर काले तथा एफडीए के ड्रग इंस्पेक्टर मनीष घोटमारे और जोसेफ चिर्मेल शामिल रहे। एफडीए अधिकारियों ने कहा कि ऑक्सीटोसिन का गैर-कानूनी उपयोग पशुओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित दवाओं के अवैध उपयोग और पशुओं के साथ क्रूरता करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

