
रवि अवस्थी/फतेहपुर, उत्तर प्रदेश। सहकारिता विभाग में कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध नियुक्ति और नियमों के विपरीत समायोजन के आरोपों की जांच के लिए प्रयागराज मंडल से गठित दो सदस्यीय टीम सोमवार को फतेहपुर पहुंची। जांच समिति में सहकारी निरीक्षक वर्ग-1 गिरीश चंद्र और शशांक शेखर मिश्रा शामिल हैं। निर्धारित तिथि से चार दिन बाद टीम के पहुंचने को लेकर भी विभागीय हलकों में चर्चा है। जांच टीम ने सबसे पहले साधन सहकारी समिति (बी-पैक्स) सीतापुर में रिकॉर्ड की जांच की और वर्तमान सचिव सहित अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच का मुख्य बिंदु यह रहा कि यदि समिति के अभिलेखों में संबंधित कर्मचारी की पूर्व सेवा का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था, तो उसे वर्ष 2020 से पहले कार्यरत कैसे माना गया। साथ ही दूसरी समिति में समायोजन की प्रक्रिया की भी जांच की गई। इस दौरान बी-पैक्स सीतापुर के अध्यक्ष घनश्याम शिवहरे ने जांच टीम को लिखित शिकायत सौंपते हुए दावा किया कि संबंधित व्यक्ति कभी उनकी समिति का कर्मचारी नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर समिति के रिकॉर्ड में हेरफेर की गई और उनके फर्जी हस्ताक्षर से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी तैयार किया गया। इसके बाद जांच टीम सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक कार्यालय पहुंची, जहां शिकायत से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जांच की गई और संबंधित सचिवों के बयान दर्ज किए गए। टीम ने जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रभुदत्त दीक्षित सहित अन्य अधिकारियों से भी जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम सभी दस्तावेजों, साक्ष्यों और बयानों के आधार पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही उच्चाधिकारियों को सौंपेगी।

