
मुंबई। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की महापौर डिंपल मेहता और आयुक्त राधाबिनोद अ.शर्मा ने गुरूवार को सूर्या क्षेत्रीय जल आपूर्ति योजना के अंतर्गत विभिन्न कार्यों का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना की प्रगति, तकनीकी कार्यों और शेष बचे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। निरीक्षण दौरे में उपमहापौर ध्रुवकिशोर पाटील, स्थायी समिति के सभापति हसमुख गहलोत, शहर अभियंता दीपक खांबित, कार्यकारी अभियंता शरद नानेगांवकर, उप अभियंता उत्तम रणदिवे सहित मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह परियोजना एमएमआरडीए द्वारा लगभग 403 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता के साथ विकसित की जा रही है, जिसके माध्यम से मीरा-भाईंदर, वसई-विरार महानगरपालिका और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को जल आपूर्ति की जाएगी। बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए यह योजना शहर की दीर्घकालिक जल आवश्यकताओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। निरीक्षण के दौरान वसई काशीद कोपर से चेने जलकुंभ तक की 22 किलोमीटर लंबी जलवाहिनी में शेष लगभग 600 मीटर कार्य की प्रगति का आकलन किया गया। इसके अलावा वसई खाड़ी के नीचे माइक्रो टनलिंग तकनीक से पाइपलाइन बिछाने जैसे जटिल कार्यों की भी समीक्षा की गई। साथ ही कवडास क्षेत्र में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वहन कंपनी द्वारा 132 केवी उच्च दबाव विद्युत लाइन के कार्य और चेने क्षेत्र में पुल निर्माण तथा जलकुंभ निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर संबंधित एजेंसियों को कार्य तेज गति और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। महानगरपालिका प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद मीरा-भाईंदर की जल आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और भविष्य की जल संकट की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा। परियोजना की निगरानी और समन्वय के लिए कार्यकारी अभियंता शरद नानेगांवकर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके और नागरिकों को जल्द नियमित व पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके।




