
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य सरकार के समावेशी विकास के लक्ष्य को उद्योगों की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) गतिविधियों से प्रभावी सहयोग मिल रहा है। सरकार और उद्योग जगत की साझेदारी से ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास हो रहा है, जिससे ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के लक्ष्य को नई मजबूती मिलेगी। बुधवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत संचालित कार्यक्रम स्वास्थ्य, पोषण, जल संरक्षण, पर्यावरण, खेल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास सरकारी कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रभावी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। मोंडेलेज इंडिया के ‘शुभ आरंभ’ कार्यक्रम के तहत पिछले 13 वर्षों से पुणे जिले के मावल और खेड तहसील के 60 गांवों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, खेल और सामुदायिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत अभियान के अनुरूप 50 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का आधुनिकीकरण किया गया, जिससे लगभग 3.2 लाख लोगों को लाभ मिला। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत करीब 5 हजार उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें विशेष उपचार के लिए भेजा गया, जबकि 1,000 से अधिक बच्चों को उन्नत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा 226 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देकर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया गया। ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के लिए ‘शुभ आरंभ स्पोर्ट्स फॉर एक्सीलेंस’ कार्यक्रम के तहत फुटबॉल और कबड्डी जैसे खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले दस वर्षों में 9 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत छात्राएं शामिल हैं। क्षेत्र में 10 खेल मैदान भी विकसित किए गए हैं। ग्रामीण स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के तहत 27 आरओ जल शुद्धिकरण संयंत्र, 12 शौचालय, सुरक्षा दीवारें, पेविंग ब्लॉक और अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं। वहीं 60 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर ग्राम पंचायतों के बिजली खर्च में कमी लाई गई है तथा विभिन्न बस्तियों में सौर स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई हैं। जल संरक्षण के क्षेत्र में छह जल संरचनाओं के निर्माण एवं मरम्मत से 2,000 लाख लीटर अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता विकसित हुई है, जिससे 300 एकड़ से अधिक कृषि भूमि और 500 से अधिक किसानों को लाभ मिला है। अगले दो वर्षों में 20 से अधिक नए जल संरक्षण परियोजनाओं के माध्यम से 2,500 लाख लीटर भूजल पुनर्भरण क्षमता विकसित करने की योजना है। स्कूली बच्चों में संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए पुणे, सिंधुदुर्ग और मुंबई की 235 स्कूलों में पोषण शिक्षा कार्यक्रम चलाया गया, जिससे करीब 60 हजार विद्यार्थियों तक पोषण संबंधी संदेश पहुंचा। साथ ही 470 शिक्षकों को हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर के रूप में प्रशिक्षित कर सभी स्कूलों में ‘सेहत क्लब’ स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को और सशक्त बनाने, विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, ग्रामीण खेलों को प्रोत्साहित करने तथा जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण परियोजनाओं का विस्तार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और उद्योग जगत की साझेदारी से ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य, शिक्षा, जल सुरक्षा और जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाने की दिशा में यह मॉडल पूरे राज्य के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

