
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के सरकारी आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि को मंजूरी दे दी गई। राज्य के इन महाविद्यालयों में सेवानिवृत्ति, इस्तीफे और पदोन्नति जैसे कारणों से लगातार पद खाली हो रहे हैं। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के माध्यम से इन पदों पर नियमित नियुक्तियों के होने तक, वर्ष 2022 में अनुबंध पर शिक्षकों की नियुक्ति की मंजूरी दी गई थी। इन शिक्षकों को अब तक एकमुश्त पारिश्रमिक पर काम करना पड़ रहा था। सरकार का मानना है कि कुछ विशेष विषयों में योग्य उम्मीदवारों की कमी को देखते हुए मानदेय बढ़ाना जरूरी था। इस पृष्ठभूमि में शिक्षकों का नया मानदेय इस प्रकार तय किया गया है। नए मानदेय के अनुसार, प्रोफेसर को 1.50 लाख रूपए, एसोसिएट प्रोफेसर को 1.20 लाख रूपए और असिस्टेंट प्रोफेसर को 1 लाख रूपए प्रतिमाह दिया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस निर्णय से रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी, योग्य उम्मीदवार आकर्षित होंगे और शैक्षणिक गुणवत्ता बनी रहेगी।




