
मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी.राधाकृष्णन ने आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा महाराष्ट्र राजभवन, मुंबई में मियावाकी वन स्थापित करने की पहल की सराहना की। उन्होंने राज्य के विश्वविद्यालयों में भी इस तरह के वन विकसित करने और छात्रों को पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने की अपील की। राज्यपाल शुक्रवार को राजभवन में आईएमसी मियावाकी वन का उद्घाटन करने के बाद चैंबर के पदाधिकारियों और पूर्व अध्यक्षों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने परियोजना की सूचना पुस्तिका का विमोचन और एक पट्टिका का अनावरण भी किया। मियावाकी वन परियोजना, आईएमसी शताब्दी ट्रस्ट के तहत केशव सृष्टि द्वारा कार्यान्वित की गई। इस परियोजना में राजभवन के पश्चिमी समुद्र तट पर 6000 वर्ग फीट के क्षेत्र में 48 किस्मों के 2000 पौधे लगाए गए हैं। इनमें अडूसा, अनंत, अंजीर, आंवला, बेर, चंदन, दालचीनी, कड़ी पत्ता, काजू और खारवंद जैसे औषधीय और फलदार पौधे शामिल हैं। इस अवसर पर आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की उपाध्यक्ष सुनीता रामनाथकर, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, आईएमसी शताब्दी ट्रस्ट के अध्यक्ष राम गांधी, नीरज बजाज, आशीष वैद, शैलेश वैद्य, अनंत सिंघानिया, महिला विंग की उपाध्यक्ष राज्यलक्ष्मी राव, सह अध्यक्ष अतीत संघवी, ज्योत्सना सांघी, सीए राजेश चौधरी, महानिदेशक अजीत मंगरुलकर, उप महानिदेशक संजय मेहता और शीतल कालरो समेत कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।





