
इंद्र यादव/मुंबई। मीरा -भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की काशिमीरा पुलिस ने वर्ष 2023 के चर्चित गनफायर मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी अख्तर कासमअली मर्चंट को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से गैर-जमानती वारंट (NBW) और इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर 2023 को सुबह करीब 10:09 बजे मिरा रोड (पूर्व) स्थित शिवाजी पुतले के पास सनराइज बिल्डिंग में इंटरनेशनल बेकिंग कंपनी के बाहर काले रंग का हेलमेट पहने एक व्यक्ति पहुंचा और पिस्तौल से फायरिंग करने का प्रयास किया था। पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसमें आरोपी का चेहरा स्पष्ट दिखाई दिया। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 381, 386, 120(बी), 34, शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25 तथा महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (एमसीओसीए) के तहत मामला दर्ज किया। जांच में अख्तर कासमअली मर्चंट की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया और फरार होने के बाद इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कराया गया। लगातार तकनीकी और खुफिया निगरानी के बाद 17 अगस्त 2026 को दोपहर 12:24 बजे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर काशिमीरा पुलिस की टीम ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन शाम 4:20 बजे आरोपी को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां मामले के जांच अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) योगेश काले ने ट्रांजिट रिमांड की मांग की। अदालत ने पांच दिन का ट्रांजिट रिमांड मंजूर करते हुए आरोपी को 22 अगस्त 2026 तक महाराष्ट्र लाने की अनुमति दे दी। अब उसे ठाणे की विशेष एमसीओसी अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान इस हमले की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और अपराध के पीछे की मंशा का खुलासा किया जाएगा। मिरा-भाईंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अपराधों में फरार और वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून से बचकर भागने वाले किसी भी आरोपी को अंततः गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

