
मुंबई। जापान के सम्राट नारुहितो के 65वें जन्मदिन के अवसर पर मुंबई में जापान के वाणिज्य दूतावास द्वारा होटल ताजमहल में आयोजित स्वागत समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी.राधाकृष्णन ने जापान की कार्य संस्कृति और उसके आर्थिक योगदान की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि जापान के लोग अपने कठिन परिश्रम, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रसिद्ध हैं और यह जापान की कार्य संस्कृति को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनाता है। उन्होंने हिरोशिमा और नागासाकी के विनाश के बाद जापान द्वारा किए गए संघर्षों और अपने नए उत्साह से फिर से खड़ा होने की सराहना की। राज्यपाल ने यह भी कहा कि जबकि कार का आविष्कार अमेरिका में हुआ था, जापान में निर्मित कारें गुणवत्ता और आराम के मामले में सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जापान में निर्मित प्रत्येक उत्पाद गुणवत्ता के उच्च मानकों पर खरा उतरने के बाद ही बाजार में आता है, जो एक महत्वपूर्ण सीखने योग्य बिंदु है। उन्होंने महाराष्ट्र में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे अटल सेतु, मुंबई मेट्रो लाइन और बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए जापान सरकार द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और दार्शनिक संबंधों को प्रगाढ़ बताया और दोनों देशों के बीच सहयोग को आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पर्यटन, विशेषकर आध्यात्मिक और चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुंबई में जापान के वाणिज्य दूत यागी कोजी ने बताया कि पिछले वर्ष भारत से 2.30 लाख पर्यटक जापान गए थे और इस संख्या को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। समारोह के दौरान, भारत और जापान के राष्ट्रगान गाए गए और सम्राट नारुहितो को दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दी गई। इस अवसर पर महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल, कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा और अन्य प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित थीं।




