Monday, April 13, 2026
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सरकारी नौकरी के नाम पर 1.54 करोड़ की ठगी, 13 के खिलाफ मामला दर्ज

मुंबई। चारकोप पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 1.54 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला 11 अप्रैल को दर्ज किया गया, जिसमें मुख्य आरोपी सतीश वानखेड़े समेत अन्य सहयोगियों पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता सुशील पाटिल (36), कांदिवली पश्चिम निवासी हैं और रियल एस्टेट ठेकेदार के रूप में कार्यरत हैं। वर्ष 2016 में उनकी मुलाकात सतीश वानखेड़े से हुई, जिसने 2018 में दावा किया कि वह बिना परीक्षा के मंत्रालय, बृहन्मुंबई महानगर पालिका, आयकर विभाग और अन्य सरकारी दफ्तरों में नौकरी दिला सकता है। आरोप है कि वानखेड़े ने खुद को सरकारी अधिकारियों से जुड़ा बताते हुए पाटिल को फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाए और 60 लाख रुपये की मांग की। शुरुआत में पाटिल से 10 लाख रुपये लेकर उसके दस्तावेज जमा किए गए। बाद में अलग-अलग बहानों से उससे नकद और ऑनलाइन माध्यम से करीब 20 लाख रुपये और लिए गए। इसके बाद आरोपी ने पाटिल से अन्य नौकरी के इच्छुक लोगों को भी लाने को कहा। पाटिल ने अपने करीब 10 परिचितों को वानखेड़े से मिलवाया, जिनसे भी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी रकम वसूली गई। कुल मिलाकर आरोपियों ने करीब 1.54 करोड़ रुपये ऐंठे। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ठाणे नगर निगम, महाराष्ट्र विधानसभा, नागपुर तहसील कार्यालय और अन्य विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान शरद राजगुरु, बालासाहेब कांबले, डॉ. मंगेश पाटिल, धवल पाटिल, प्रमोद सोलापुरे, विनोद माली, रवींद्र कांबले, जितेंद्र चौधरी, अभय पाटिल, कमलेश गांधीकर, दिनेश निकले और यतिन मोरे के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) (धोखाधड़ी) समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।

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