
मुंबई। राष्ट्रीय अग्निशमन दिवस के अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा की प्रमुख उपस्थिति में मुंबई में स्थित लोकभवन में ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुंबई अग्निशमन दल, एमआईडीसी और महाराष्ट्र अग्निशमन सेवा के 12 अधिकारियों एवं कर्मियों को अग्निशमन सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए घोषित राष्ट्रपति पदक राज्यपाल के हाथों प्रदान किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में अग्निशमन सेवाओं के सामने चुनौतियां कई गुना बढ़ गई हैं। बड़े गोदामों और डेटा सेंटरों के विस्तार के कारण अब पारंपरिक औद्योगिक आग के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी प्रतिष्ठानों से जुड़ी आग की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए नई रणनीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने आग की रोकथाम, पहचान और कारणों के विश्लेषण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। साथ ही बदलते दौर के अनुसार अग्निशमन कर्मियों के कौशल विकास, नियमित प्रशिक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे को लगातार उन्नत करने की आवश्यकता बताई। राज्यपाल ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र में अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत 614 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य में अग्निविज्ञान (फायर साइंस) के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक स्वतंत्र संस्था स्थापित की जाए या मौजूदा संस्थानों को सशक्त किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आग पर नियंत्रण के लिए नवीन तकनीकों का विकास, पर्यावरण अनुकूल अग्निशमन उपकरणों का उपयोग और औद्योगिक व गैर-औद्योगिक संस्थानों का व्यापक अग्नि सुरक्षा ऑडिट आवश्यक है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को अग्नि सुरक्षा अभ्यास, जनजागरूकता अभियानों और आपदा प्रबंधन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।




