
मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन(एफडीए) के नए आयुक्त श्रीधर डूबे पाटिल ने पदभार संभालने के बाद विभागीय कामकाज की रफ्तार तेज कर दी है। उन्होंने व्यापारियों की समस्याएं सुनने और उनके निराकरण के लिए प्रभावी कदम उठाने की दिशा में पहल शुरू की है। साथ ही, राज्य की जनता को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ एवं औषधियां उपलब्ध हों, इसके लिए अधिकारियों के साथ बैठकों का सिलसिला भी शुरू कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि आयुक्त द्वारा विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। सोमवार को कई व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने आयुक्त से मुलाकात कर अपनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान एफडीए के आईबी विभाग में कार्यरत एक एफएसओ की कथित भ्रष्ट कार्यप्रणाली की शिकायत भी की गई।
व्यापारियों ने बताया कि आयुक्त के साथ उनकी मुलाकात सकारात्मक रही और समस्याओं के समाधान के साथ-साथ भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन भी मिला। सूत्रों के अनुसार, श्रीधर डूबे पाटिल विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महाराष्ट्र की जनता को सुरक्षित, मानक और गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं औषधियां उपलब्ध हों तथा विभाग में अनुशासन और जवाबदेही कायम रहे।




