
मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने कांदिवली पश्चिम स्थित एक प्रतिष्ठान पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रामक लेबलिंग (मिसब्रांडिंग) के मामले में फ्रोजन डेजर्ट और बिना लेबल वाले क्रीम का स्टॉक जब्त किया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत प्राप्त शिकायत और जानकारी के आधार पर की गई। एफडीए के अधिकारियों ने गुरुवार को कांदिवली (पश्चिम) के चारकोप स्थित के.सी. इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन परिसर में निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि बिक्री के लिए उपलब्ध फ्रोजन डेजर्ट उत्पादों को “खड़ी कुल्फी” के रूप में बेचा जा रहा था, जबकि उत्पाद की लेबलिंग और उसमें प्रयुक्त घटकों की घोषणा में गंभीर विसंगतियां पाई गईं। जांच में यह भी सामने आया कि परिसर में बिना लेबल वाला क्रीम का स्टॉक भी रखा गया था। 58.4 किलोग्राम का स्टाक ज़ब्त किया गया जिसकी कीमत 17,400 रुपए है। अधिकारियों के अनुसार उत्पादों की पैकेजिंग, लेबलिंग और उपभोक्ताओं को दी जा रही जानकारी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की उन धाराओं का उल्लंघन करती है जो गलत या भ्रामक जानकारी (Misleading Advertisement/Misbranding) से संबंधित हैं। कार्रवाई के दौरान संबंधित खाद्य पदार्थों के अधिकृत नमूने लेकर उन्हें आगे की जांच और विश्लेषण के लिए अधिकृत खाद्य विश्लेषक के पास भेजा गया है। साथ ही मामले में आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एफडीए ने बताया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय रायकर और लखन मुखीबाडे तथा सहायक आयुक्त (खाद्य) मेघना पवार द्वारा सह आयुक्त (खाद्य) महेश चौधरी के मार्गदर्शन और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देशन में की गई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य व्यवसाय संचालकों से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों का पूर्ण पालन करें तथा उत्पादों की लेबलिंग, घटकों की घोषणा और विज्ञापन संबंधी सभी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। एफडीए ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली लेबलिंग, गलत दावे और खाद्य उत्पादों के बारे में भ्रामक जानकारी देने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



