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‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान: 12 जुलाई को यूपी में लगेगा 35 करोड़ पौधों का महाकुंभ

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वृक्षारोपण महायज्ञ-2026, जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश अभियान, पशुपालन विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत 12 जुलाई को पूरे प्रदेश में एक ही दिन 35 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा। इस वर्ष वृक्षारोपण अभियान की थीम ‘एक पेड़ माँ के नाम’ निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से ‘इलेक्शन मोड’ में पूरी की जाएं। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पौधों का उठान समय पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि पौधारोपण के दिन किसी भी प्रकार की देरी या व्यवधान उत्पन्न न हो। मुख्य सचिव ने वृक्षारोपण अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर जोर देते हुए कहा कि इसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। अभियान के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नुक्कड़ नाटकों, लोकगीतों, संगीत और संगोष्ठियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए और वृक्षारोपण अभियान को उत्सव के रूप में मनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वृक्षारोपण से जुड़े सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं की भागीदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि बच्चों और युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को वृक्षारोपण स्थलों और लगाए गए पौधों की जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों और बोर्डों में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प ले। उन्होंने जिला वृक्षारोपण समितियों को पौधों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि केवल पौधारोपण करना पर्याप्त नहीं है। लगाए गए पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक पौधों को जीवित रखा जा सके।
जीरो पॉवर्टी अभियान में सभी पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश
जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि प्रथम चरण में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पात्र लाभार्थियों का कवरेज अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र किसानों को प्राथमिकता के आधार पर योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि जीरो पॉवर्टी अभियान के प्रथम और द्वितीय चरण की सभी मूलभूत योजनाओं में चयनित शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जोड़ें। इसके साथ ही युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और ओडीओपी योजना जैसी स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। बैठक में बताया गया कि जीरो पॉवर्टी अभियान के प्रथम चरण में राशन कार्ड योजना से 97 प्रतिशत, निराश्रित महिला पेंशन योजना से 98 प्रतिशत, बीओसीडब्ल्यू श्रम कार्ड से 95 प्रतिशत, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजनाओं से 92 प्रतिशत, दिव्यांग पेंशन योजना से 86 प्रतिशत और वृद्धावस्था पेंशन योजना से 83 प्रतिशत पात्र परिवारों को जोड़ा जा चुका है। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अभी तक केवल 13 प्रतिशत पात्र परिवारों को आच्छादित किया गया है। द्वितीय चरण में शौचालय सहायता योजना, स्वयं सहायता समूहों और स्कूल नामांकन के अंतर्गत शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ा जा चुका है। योजनाओं के संतृप्तिकरण के आधार पर हाथरस, गाजियाबाद, शामली, मुजफ्फरनगर, बदायूं, अमरोहा, महराजगंज, मेरठ, बागपत और गोरखपुर प्रदेश के शीर्ष 10 जनपदों में शामिल हैं।
गोचर और चारागाह भूमि को कब्जामुक्त कराने के निर्देश
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वीबी-जी-राम-जी योजना के तहत चारागाह और गोचर भूमि का विकास किया जाए। उन्होंने कहा कि गोचर भूमि पर हरे चारे का उत्पादन कर ग्राम पंचायतें अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं। इसके साथ ही पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध होने से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण की चपेट में आई गोचर और चारागाह भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए और उसका उपयोग पशुपालन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाए। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जनपद झांसी से मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी गौरांग राठी, मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड और डीएफओ विकास यादव सहित अन्य अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

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