Tuesday, May 19, 2026
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गोवंश संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी गौरांग राठी सख्त, 52 गोशालाएं एनजीओ को सौंपने की तैयारी

झांसी, उत्तर प्रदेश। जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक में जिले की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ वृहद गोशालाओं और गोवंश संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी गौरांग राठी ने की। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंश संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और यह मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि गोशालाओं के संचालन में जहां भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल दूर करते हुए व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की 52 गोशालाओं को संचालित करने के लिए एनजीओ को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित संस्थाओं को हरे चारे की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी, साथ ही गोवंश के रखरखाव और आवश्यक सुविधाओं का भी समुचित प्रबंध करना होगा। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने नई पहल करते हुए एनजीओ संचालकों से सीधे संवाद किया और उनके अनुभव जाने। उन्होंने गोशालाओं में भूसे और हरे चारे की उपलब्धता, मृत गोवंश के उचित निस्तारण और गोबर प्रबंधन को लेकर जानकारी ली। जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि हरे चारे की व्यवस्था मजबूत करने के लिए गोशाला की भूमि पर नेपियर घास का उत्पादन किया जाए। भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने गर्मी प्रबंधन के उपायों का डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोशालाओं के शेड पर पुआल, झाड़ और घास-फूस लगाकर नियमित पानी का छिड़काव किया जाए ताकि गोवंश को गर्मी से राहत मिल सके। इसके अलावा टाट के बोरे लगाकर उन पर भी पानी का छिड़काव करने की सलाह दी गई।बैठक में मुख्यमंत्री निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पशु चिकित्सा अधिकारियों को लाभार्थियों का सत्यापन तेजी से पूरा कर तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इसका लाभ उठा सकें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी एसडीएम को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, डीएफओ नीरज कुमार आर्य, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी संजय कुमार सिंह, पीडी/बीडीओ राजेश कुमार, डीपीआरओ बालमुकुंद श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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