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त्रिपुण्ड धारण की महिमा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, शिव महापुराण कथा में गूंजा ‘हर-हर महादेव’

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। मगरवारा स्थित श्री गोकुल बाबा मंदिर प्रांगण में श्री आदि गुरु वैदिक सेवा सनातन ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित विशाल श्री शिव महापुराण कथा में भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। लोकविख्यात कथा प्रवक्ता शैवाचार्य श्री प्रशांत प्रभु महाराज ने त्रिपुण्ड धारण की आध्यात्मिक महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उनके श्रीमुख से कथा श्रवण करते हुए श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए और पूरा कथा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। शैवाचार्य श्री प्रशांत प्रभु महाराज ने कहा कि भगवान शिव के भक्त के मस्तक पर धारण किया जाने वाला त्रिपुण्ड केवल भस्म की तीन रेखाएं नहीं, बल्कि शिवतत्व, वैराग्य, साधना और सनातन आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि स्नान एवं शुद्धि के बाद विधिपूर्वक भस्म धारण कर भगवान शिव का स्मरण और पूजन करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। उन्होंने त्रिपुण्ड की तीनों रेखाओं का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि पहली रेखा ब्रह्मा, दूसरी भगवान विष्णु और तीसरी भगवान शिव के स्वरूप का प्रतीक मानी जाती है। त्रिपुण्ड शिवभक्त को श्रद्धा, साधना, आत्मसंयम और शिव आराधना के मार्ग पर निरंतर प्रेरित करता है। भस्म की महिमा का वर्णन करते हुए महाराजश्री ने कहा कि भस्म मनुष्य को जीवन की नश्वरता का बोध कराती है और अहंकार त्यागकर वैराग्य तथा आत्मचिंतन का संदेश देती है। उन्होंने बेल से संबंधित पवित्र भस्म के महत्व का भी उल्लेख किया और कहा कि सच्ची शिवभक्ति बाहरी आडंबर से नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म की पवित्रता, सदाचार तथा भगवान शिव के प्रति अटूट समर्पण से प्राप्त होती है। कथा के दौरान नारायण नाम की महिमा, गंगा की उत्पत्ति, केनकी पुण्य कथा, शिवलिंग की महिमा, काल भैरव की उत्पत्ति तथा काशी की आध्यात्मिक महिमा जैसे प्रसंगों का अत्यंत सरल एवं भावपूर्ण वर्णन किया गया। इन प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को सनातन धर्म की गूढ़ आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराया। शैवाचार्य श्री प्रशांत प्रभु महाराज ने कहा कि शिवभक्ति का मार्ग श्रद्धा, संयम, सेवा, सदाचार और समर्पण से होकर गुजरता है। भगवान शिव का स्मरण मनुष्य के भीतर आत्मबल, धैर्य और धर्म के प्रति आस्था को मजबूत करता है तथा जीवन में संस्कारों की ज्योति प्रज्वलित करता है। कथा आयोजन में मुख्य यजमान श्रीमती वंदना सत्येंद्र सिंह एवं श्रीमती संतोष हरिप्रसाद साहू प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। कथा यजमानों में श्रीमती राधा निशीथ निगम (राजू भैया), श्रीमती सोनम धीरज सिंह एवं श्रीमती प्रिया विक्रम सिंह की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मुख्य समाजसेवी रंजना मिश्रा (लखनऊ), अध्यक्ष संजय नीलम त्रिपाठी, महामंत्री अजय अवस्थी, चन्द्र प्रकाश अवस्थी, संपर्क प्रमुख डॉ. मनीष सिंह सेंगर, मीडिया प्रभारी श्याम जी गुप्ता, राहुल कश्यप, कल्लू दादा सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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