
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने वरळी जेट्टी के नियोजित विकास को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य के मत्स्यव्यवसाय एवं बंदर मंत्री नितेश राणे ने कहा कि इस परियोजना से मुंबई में जल परिवहन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और पर्यटन क्षेत्र को बड़ी गति मिलेगी। सोमवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में वरळी जेट्टी विकास परियोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे, महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप पी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री नितेश राणे ने बताया कि मुंबई तटीय सड़क परियोजना के निर्माण के दौरान अमरसन्स गार्डन इंटरचेंज और वरळी डेअरी क्षेत्र में निर्माण सामग्री की आवाजाही के लिए अस्थायी जेट्टी बनाई गई थीं। अब कोस्टल रोड परियोजना पूर्णता की ओर बढ़ रही है, इसलिए इन जेट्टी का उपयोग जल परिवहन, वॉटर एम्बुलेंस, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं तथा सार्वजनिक यातायात के लिए करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबईसे स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया गया। रिपोर्ट में अमरसन्स जेट्टी को यात्री परिवहन के लिए अनुपयुक्त बताया गया है, जबकि वरळी डेअरी क्षेत्र की जेट्टी में आवश्यक संरचनात्मक बदलाव के बाद उसे जल परिवहन और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं के लिए उपयोगी माना गया है।परियोजना के लिए प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट, डीपीआर, पर्यावरणीय मंजूरी और अन्य तकनीकी अनुमतियों हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (PMC) नियुक्त करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। साथ ही वरळी जेट्टी पर हेलिपैड विकसित करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत इच्छुक संस्थाओं से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट भी आमंत्रित किए गए हैं। मंत्री नितेश राणे ने कहा कि मुंबई की समुद्री परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वरळी जेट्टी का विकास केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे आपातकालीन सेवाएं, पर्यटन और तटीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। इस अवसर पर मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने कहा कि वरळी जेट्टी परियोजना के विकास के लिए महानगरपालिका प्रशासन महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड को हर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।




