Tuesday, May 26, 2026
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया, महाराष्ट्र के 8 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को मिला सम्मान

नई दिल्ली। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों का वितरण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के आठ प्रतिष्ठित व्यक्तियों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सोमवार को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह के पहले चरण में महाराष्ट्र के आठ व्यक्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए। वरिष्ठ अभिनेता धर्मेंद्र को कला क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए मरणोपरांत पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी पत्नी और सांसद हेमा मालिनी ने ग्रहण किया। छह दशकों से अधिक समय तक हिंदी फिल्म उद्योग में सक्रिय रहे धर्मेंद्र ने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया था। उनका निधन पिछले वर्ष 89 वर्ष की आयु में हुआ था। दो प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्मभूषण पुरस्कार प्रदान किया गया। इसमें उदय कोटक शामिल हैं, जिन्होंने एक छोटे बिल डिस्काउंटिंग स्टार्टअप से देश की अग्रणी निजी बैंक कोटक महिंद्रा बैंक की स्थापना कर भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में नई पहचान बनाई। उन्हें कॉर्पोरेट गवर्नेंस और आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विज्ञापन जगत के रचनात्मक व्यक्तित्व पीयूष पांडे को मरणोपरांत पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी नीता जोशी ने यह पुरस्कार स्वीकार किया। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित होने वालों में जनार्दन बापुराव बोठे को सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने ग्रामीण महाराष्ट्र में जलसंवर्धन और शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। ‘पानी अडवा, पानी जिरवा’ अभियान के माध्यम से उन्होंने कई गांवों की जल समस्या दूर करने में योगदान दिया। लोककला तमाशा को वैश्विक पहचान दिलाने वाले रघुवीर खेड़कर को कला क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वे वरिष्ठ तमाशा कलाकार कांताबाई सातारकर के पुत्र हैं और उन्होंने महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला को नई पहचान दिलाई। कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए श्रीरंग लाड को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया गया। परभणी के प्रगतिशील किसान श्रीरंग लाड ने कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए ‘दादा लाड तकनीक’ विकसित की और ‘लाल कंधारी’ गायों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सत्यनारायण नुवाल को रक्षा और खनन क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार दिया गया। उन्होंने सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया के माध्यम से भारत को डिफेंस एक्सप्लोसिव क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर अनुसंधान क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जूज़र वासी को भी पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पुणे के डॉ. रामचंद्र गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले दंपति को संयुक्त रूप से पद्मश्री से सम्मानित किया गया। दोनों पिछले 35 वर्षों से महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ‘ट्रस्ट फॉर हेल्थ’ के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण और बाल मृत्यु दर कम करने में विशेष योगदान दिया है। इस वर्ष पद्म पुरस्कार दो चरणों में प्रदान किए जा रहे हैं। पहले चरण में देशभर के 66 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें 2 पद्मविभूषण, 6 पद्मभूषण और 58 पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं। इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिनमें 5 पद्मविभूषण, 13 पद्मभूषण और 113 पद्मश्री पुरस्कार शामिल हैं।

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