
मुंबई। ठाणे जिले के वांगणी स्थित ग्रामीण अस्पताल में फफूंदी लगी दवाएं मिलने के मामले में दवा खरीद से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा। यह जानकारी सोमवार को राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने विधानसभा में दी। इस संबंध में विधानसभा सदस्य मोहन मते ने प्रश्न उठाया था, जबकि चर्चा में सदस्य किसान कथोरे ने भी भाग लिया। स्वास्थ्य मंत्री आबिटकर ने बताया कि वांगणी के ग्रामीण अस्पताल में दवाओं की खरीद जिला नियोजन समिति के निधि से स्थानीय अधिकारियों द्वारा की गई थी। 15 दिसंबर 2025 को यहां की दवाओं के नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशालाओं में उनकी जांच कराई गई। जांच में दवाओं में फफूंदीजन्य संक्रमण नहीं पाया गया, हालांकि अन्य मानकों के आधार पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच प्रणाली ने इन दवाओं को अप्रमाणित घोषित किया है। इस मामले में दवाओं को गुणवत्ता प्रमाणित करने वाली संबंधित प्रयोगशाला को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और गुणवत्ता युक्त दवाओं की खरीद सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही ड्रग डिटेक्शन मशीन का उपयोग शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वांगणी के ग्रामीण अस्पताल के उन्नयन के प्रस्ताव पर सभी मानकों की समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा।




