
मुंबई। महाराष्ट्र में विकलांग व्यक्तियों की संख्या कुल जनसंख्या का 2.63 प्रतिशत है, जैसा कि 2011 की जनगणना में सामने आया था। इस महत्वपूर्ण जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए, उपमुख्यमंत्री और वित्त एवं नियोजन मंत्री अजित पवार ने 2025-26 की जिला वार्षिक योजना (सामान्य) के अंतर्गत विकलांग व्यक्तियों के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए निधि में से अधिकतम 1 प्रतिशत आरक्षित रखने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री ने 5 फरवरी 2025 को राज्य स्तर पर आयोजित जिला वार्षिक योजना (सामान्य) 2025-26 की बैठक में यह महत्वपूर्ण घोषणा की। योजना के अंतर्गत, नवाचार, सतत विकास लक्ष्य और मूल्यांकन के लिए आवंटित कुल 5 प्रतिशत निधि को छोड़कर, नियमित योजनाओं के लिए आवंटित 95 प्रतिशत निधि में से 19 प्रतिशत निधि विभिन्न प्रशासनिक विभागों की योजनाओं के लिए निर्धारित की जाती है। इस निर्णय के अनुसार, विकलांग कल्याण विभाग के माध्यम से विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण एवं कल्याण के लिए आरक्षित निधि का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नियोजन विभाग और वित्त विभाग की मंजूरी से संबंधित योजना के आदेश जारी किए जाएंगे। इस कदम से विकलांग व्यक्तियों के लिए बेहतर योजनाओं और सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा और उनका समाज में समावेशी विकास सुनिश्चित किया जाएगा।




