Tuesday, May 19, 2026
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सस्ते एसआरए फ्लैट का झांसा देकर दंपति से ₹30 लाख की ठगी, डी एन नगर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

मुंबई। डी एन नगर पुलिस स्टेशन ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने अंधेरी के अंबोली इलाके में स्थित एक एसआरए बिल्डिंग में किफायती फ्लैट दिलाने का झांसा देकर एक दंपति से लगभग ₹30.50 लाख की ठगी की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल राजेंद्र तिवारी के रूप में हुई है। अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस धोखाधड़ी में महेश तिवारी और महेश करांडे नामक दो अन्य लोगों ने भी आरोपी की मदद की थी। दोनों को सह-आरोपी बनाया गया है और वे फिलहाल फरार हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों को भी निशाना बनाया है। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता तयम्मा मल्लेश धनगर अंधेरी के धनगरवाड़ी इलाके में रहती हैं, जबकि उनके पति ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हैं। दंपति अंधेरी में किसी रिहायशी प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहता था और विशेष रूप से एसआरए तथा म्हाडा फ्लैट की तलाश कर रहा था। इसी दौरान रिश्तेदारों के माध्यम से उनकी मुलाकात राहुल तिवारी और महेश करांडे से हुई, जिन्होंने कम कीमत में एसआरए फ्लैट दिलाने का दावा किया। मार्च 2025 में दंपति गोरेगांव के एक होटल में आरोपियों से मिले, जहां उन्हें रियायती दर पर फ्लैट दिलाने का भरोसा दिया गया। फ्लैट का सौदा ₹45 लाख में तय हुआ और नोटरी से सत्यापित दस्तावेज तैयार किए गए। इसके बाद दंपति ने पहले ₹10 लाख टोकन राशि के तौर पर दिए। बाद में आरोपियों ने उन्हें अंधेरी के अंबोली स्थित कैसर रोड पर बनी ‘ओम साई एसआरए कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी’ का फ्लैट नंबर 1604 दिखाया। फ्लैट पसंद आने पर दंपति ने अलग-अलग किश्तों में अतिरिक्त ₹20.50 लाख का भुगतान किया। जुलाई 2025 में आरोपियों ने दंपति को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से जुड़ी बायोमेट्रिक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए बुलाया, लेकिन बाद में सर्वर में तकनीकी दिक्कत का बहाना बनाकर उन्हें वापस भेज दिया गया। सितंबर में महेश करांडे को उस व्यक्ति के रूप में पेश किया गया, जो बायोमेट्रिक प्रक्रिया संभाल रहा था। कुछ दिनों बाद आरोपियों ने कथित तौर पर फ्लैट की चाबियां और दस्तावेज दंपति को सौंप दिए। हालांकि जब दंपति फ्लैट पर पहुंचे, तो वह बाहर से सील मिला। शक होने पर उन्होंने एसआरए कार्यालय में दस्तावेजों की जांच कराई, जहां पता चला कि सारे कागजात फर्जी थे। आरोपियों ने बाद में दंपति को दूसरा फ्लैट देने या पैसे लौटाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन न तो फ्लैट मिला और न ही रकम वापस की गई। इसके बाद तयम्मा धनगर ने डी एन नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने राहुल तिवारी, महेश तिवारी और महेश करांडे के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। करीब एक महीने से फरार चल रहे राहुल तिवारी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

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