
मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- ‘भारत टैक्सी’ सहकारिता की नई क्रांति, यात्रियों को उचित किराए पर सुरक्षित सफर और चालकों को मिलेगा मालिकाना हक
मुंबई। महाराष्ट्र में परिवहन क्षेत्र में सहकारिता आधारित एक नई शुरुआत करते हुए ‘भारत टैक्सी’ (BHARAT TAXI) सेवा का गुरुवार को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आधिकारिक शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकार मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल सहकारिता क्षेत्र की नई क्रांति साबित होगी, जिससे यात्रियों को उचित किराए पर सुरक्षित यात्रा और चालकों को सम्मानजनक आय व मालिकाना हक मिलेगा। केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय सहकार एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ओला-उबर का सहकारी विकल्प
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ओला और उबर जैसी निजी एग्रीगेटर कंपनियों ने परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन त्योहारों और बारिश जैसे अवसरों पर अत्यधिक किराया वसूलने और चालकों से भारी कमीशन लेने के कारण यात्रियों और ड्राइवरों दोनों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी इस समस्या का सहकारी और पारदर्शी विकल्प बनकर सामने आई है। उन्होंने बताया कि एक ही मोबाइल ऐप के माध्यम से कार, ऑटो रिक्शा और बाइक टैक्सी की सुविधा उपलब्ध होगी। यह मॉडल बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर सीधे चालक और यात्री को जोड़ने का काम करेगा।
पहले 1.5 किलोमीटर का किराया सिर्फ 31 रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा में पहले डेढ़ किलोमीटर का किराया 31 रुपये तथा उसके बाद प्रति किलोमीटर 21 रुपये निर्धारित किया गया है। यह किराया पारंपरिक काली-पीली टैक्सी के समान रखा गया है, जिससे आम यात्रियों को राहत मिलेगी।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास रहने वाले स्थानीय एवं परियोजना प्रभावित युवाओं के लिए यह सेवा रोजगार का बड़ा अवसर बनेगी। राज्य सरकार ने डिजिटल एग्रीगेटर नीति तैयार की है और पूरी वित्तीय व्यवस्था सहकार विभाग की निगरानी में संचालित होगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 600 टैक्सियां सेवा में शामिल की गई हैं, जबकि जल्द ही इनकी संख्या 1,000 से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल सेवा की शुरुआत मुंबई और पुणे से की जा रही है, जिसे भविष्य में पूरे महाराष्ट्र में विस्तार दिया जाएगा।
चालक अब कर्मचारी नहीं, बनेंगे मालिक
केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि सहकार टैक्सी मॉडल के तहत चालक अब केवल कर्मचारी नहीं रहेंगे, बल्कि संस्था के सदस्य और हिस्सेदार बनेंगे। संस्था के लाभांश का सीधा लाभ भी उन्हें मिलेगा। उन्होंने बताया कि देशभर में अब तक लगभग 8 लाख चालक इस मॉडल से जुड़ चुके हैं और बिना किसी कमीशन के 77 करोड़ रुपये सीधे चालकों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए जा चुके हैं। उन्होंने घोषणा की कि मुंबई के बाद जल्द ही पुणे और नागपुर में भी भारत टैक्सी सेवा शुरू की जाएगी।
हजारों युवाओं के लिए रोजगार का अवसर
सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील ने कहा कि भारत टैक्सी केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि सहकारिता के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण का नया मॉडल है। इससे यात्रियों को सुरक्षित, पारदर्शी और किफायती यात्रा मिलेगी, वहीं हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार और चालकों को सम्मानजनक आय प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सहकार मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा मिल रही है और यह मॉडल देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एमओयू पर हस्ताक्षर, चालकों को मिले शेयर प्रमाणपत्र
कार्यक्रम के दौरान सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव लिमिटेड और महाराष्ट्र सरकार के बीच सामंजस्य समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतीकात्मक रूप से कई भारत टैक्सी चालकों को शेयर प्रमाणपत्र और संचालन किट वितरित किए। इस अवसर पर सहकार एवं विपणन विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ सहकारिता को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है। इससे हजारों छोटे परिवहन व्यवसायियों और चालकों को मालिकाना हक, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि का नया अवसर मिलेगा।


