HomeArchitectureपौधरोपण के साथ संरक्षण भी जरूरी, वन विभाग ने सामाजिक संगठनों के...

पौधरोपण के साथ संरक्षण भी जरूरी, वन विभाग ने सामाजिक संगठनों के साथ बनाई रणनीति

डीएफओ की अध्यक्षता में स्वयंसेवी संस्थाओं की बैठक, पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई और ट्री गार्ड की व्यवस्था पर जोर

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। पौधरोपण अभियानों को अधिक प्रभावी और सफल बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग उन्नाव में जिला वन अधिकारी (डीएफओ) की अध्यक्षता में जनपद की विभिन्न सक्रिय स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) के संचालकों एवं प्रतिनिधियों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पौधरोपण अभियान की सफलता, लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा सामाजिक संगठनों से सुझाव और सहयोग आमंत्रित किया गया। बैठक के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पौधरोपण अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला वन अधिकारी के समक्ष अपने सुझाव रखे। डॉ. रचना त्रिवेदी ने पौधरोपण के साथ पौधों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में ट्री गार्ड उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के बाद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि पौधरोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके। भारत उन्नयन समिति के संस्थापक एवं सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र पाण्डेय ने सुझाव दिया कि पौधरोपण अभियानों के दौरान बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन नियमित देखभाल और सिंचाई के अभाव में अधिकांश पौधे सूख जाते हैं। इसलिए वन विभाग को पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के नियमित रखरखाव और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण अभियान की सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि कितने पौधे जीवित रहकर वृक्ष का रूप लेते हैं, इससे तय होनी चाहिए। इसके लिए वन विभाग, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना आवश्यक है। जिला वन अधिकारी ने सामाजिक संगठनों की ओर से मिले सुझावों को महत्वपूर्ण और तर्कसंगत बताते हुए कहा कि पौधों की सुरक्षा, नियमित देखभाल और सिंचाई की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दिशा में शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि लगाए गए पौधों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में आगामी पौधरोपण अभियानों को जनभागीदारी से जोड़ने, सामाजिक संगठनों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में एनएसएस की डॉ. रचना त्रिवेदी, एसडीएस फाउंडेशन के धर्मेन्द्र शर्मा, सनातन सरोकार फाउंडेशन के निकुंज बाजपेई, हनुमंत जीव आश्रय के विवेक तिवारी तथा भारत उन्नयन समिति के संस्थापक एवं सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र पाण्डेय सहित जनपद के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पौधरोपण अभियानों को अधिक प्रभावी और परिणामकारी बनाना तथा जनसहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई गति प्रदान करना रहा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments