
मुंबई। महाराष्ट्र में अवैध हुक्का पार्लरों पर लगाम कसने के लिए सरकार कानून में सख्त संशोधन करने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में एक तारांकित प्रश्न के जवाब में घोषणा की कि अगर कोई व्यक्ति तीसरी बार अवैध हुक्का पार्लर चलाने का दोषी पाया जाता है, तो इसे गैर-जमानती अपराध माना जाएगा। सदस्य सुनील कांबले ने अवैध हुक्का पार्लरों के संबंध में प्रश्न उठाया, जिस पर संजय केलकर, सुधीर मुनगंटीवार, नाना पटोले, सिद्धार्थ शिरोले और आशीष देशमुख ने चर्चा में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि अवैध रूप से हुक्का पार्लर चलाने के अपराध में पहले से ही तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। अब यदि यह अपराध दूसरी बार किया जाता है, तो दोषी को कारावास के साथ-साथ रेस्टोरेंट का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। वहीं, तीसरी बार पकड़े जाने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा और अपराध गैर-जमानती होगा। इसके अलावा, हुक्का आपूर्ति करना भी हुक्का पार्लर से संबंधित अपराध माना जाएगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुलिस को भी सख्त चेतावनी दी है कि अगर उनके क्षेत्राधिकार में अवैध हुक्का पार्लर चल रहे हैं और कार्रवाई नहीं की गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कदम उठाए जाएंगे।
गृह राज्य मंत्री (शहरी) योगेश कदम ने कहा कि राज्य में अवैध हुक्का पार्लरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक 50 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 1.25 करोड़ रुपये मूल्य का सामान जब्त किया गया है। ई-सिगरेट पर भी मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि यह युवाओं के बीच ‘स्टाइल स्टेटमेंट’ बनता जा रहा है, जिससे लत बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-सिगरेट पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कदम उठाए जाएंगे। राज्य सरकार ने अवैध हुक्का पार्लरों की आड़ में चल रही गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्धता जताई है और आने वाले दिनों में कानून में बदलाव के साथ सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।




