
देवेश प्रताप सिंह राठौर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर फसल नुकसान, किसान हित, स्वास्थ्य योजनाओं और दुग्ध विकास कार्यक्रमों को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए।मुख्य सचिव ने असमय वर्षा, ओलावृष्टि और आगजनी की घटनाओं से रबी फसलों को हुए नुकसान पर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जिलाधिकारी राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर प्रतिदिन समीक्षा करें, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसानों को 72 घंटे के भीतर आवेदन के लिए जागरूक किया जाए और जो किसान स्वयं आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, उनके आवेदन भी प्रशासन द्वारा सुनिश्चित कराए जाएं। पशुहानि या जनहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर राहत राशि वितरण अनिवार्य करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने क्रॉप कटिंग प्रयोगों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिया कि इनका शत-प्रतिशत संपादन CCE Agri App के माध्यम से कराया जाए और संबंधित अधिकारियों द्वारा इसका निरीक्षण भी अनिवार्य रूप से किया जाए, जिससे उपज के सटीक आंकड़े प्राप्त हो सकें और किसानों को समय पर क्षतिपूर्ति मिल सके।सरकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से किसानों तक पहुंचाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण अनिवार्य करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े सभी किसानों का भी रजिस्ट्रेशन कराया जाए। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित कर किसानों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।स्वास्थ्य क्षेत्र की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ऑपरेटर आईडी से कम से कम एक कार्ड बनाया जाए और निष्क्रिय आईडी को सक्रिय किया जाए। साथ ही आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के 100 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।इसके साथ ही मुख्य सचिव ने नंद बाबा दुग्ध मिशन की समीक्षा करते हुए बैंकों में लंबित ऋण स्वीकृति के मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को अनुदान की किश्तों का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित किया जाए और योजना के दायरे को और व्यापक बनाया जाए।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र, सीईओ अर्चना वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




