:

मुंबई। मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि राज्य के प्याज उत्पादक किसानों को कीमतों में उतार-चढ़ाव से राहत दिलाने और उन्हें प्रतिस्पर्धी दाम उपलब्ध कराने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्याज प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) उद्योग को बढ़ावा देना जरूरी है। बुधवार को सह्याद्री अतिथि गृह में S4S Technologies के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में प्याज के प्रसंस्करण और भंडारण से जुड़ी विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन मंडल और मैग्नेट परियोजना से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित थे। मंत्री रावल ने कहा कि महाराष्ट्र देश का प्रमुख प्याज उत्पादक राज्य है, जहां हर साल बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। इसमें लगभग 70 प्रतिशत प्याज देश के भीतर ही खपत होता है, जबकि शेष 30 प्रतिशत अतिरिक्त उत्पादन पर प्रसंस्करण के माध्यम से मूल्यवर्धन करना आवश्यक है। इसके तहत प्याज पाउडर और चिप्स जैसे उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अधिक उत्पादन होने पर प्याज के दाम गिर जाते हैं, जिससे किसानों को नुकसान होता है, जबकि दाम बढ़ने पर उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ता है। इस समस्या का प्रभावी समाधान प्रसंस्करण उद्योग के रूप में सामने आता है। साथ ही, इस क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा सकते हैं। बैठक में सौर ऊर्जा आधारित तकनीक अपनाने वाले प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण किया गया। अधिकतम किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर और समग्र योजना तैयार करने के निर्देश भी मंत्री ने दिए। मंत्री रावल ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे उद्योगों की स्थापना से किसानों को स्थिर आय मिलेगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

