
लखनऊ/झांसी। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से झांसी सहित सात जनपदों में चल रहे जनगणना कार्य की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से जनगणना कार्य की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करने तथा जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा।मुख्य सचिव ने फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, कौशांबी, झांसी, लखनऊ, गोंडा और गौतमबुद्धनगर जनपदों में संचालित जनगणना कार्य की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा जनगणना कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है, इसलिए प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) का कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जनगणना कार्य की प्रगति धीमी है, वहां विशेष अभियान चलाकर कार्य में तेजी लाई जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि गणना ब्लॉकों का कार्य समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पूरा होने से पूरी जनगणना प्रक्रिया को गति मिलेगी और आंकड़ों की गुणवत्ता तथा विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जनगणना कार्य में अपेक्षित सहयोग न करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और नगर आयुक्तों से कहा कि निर्धारित समयसीमा का कड़ाई से पालन करते हुए जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।समीक्षा बैठक में शीतल वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। झांसी स्थित एनआईसी कक्ष में नगर आयुक्त आकांक्षा राणा, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) पल्लवी मिश्रा, पूजा पाल तथा संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों से जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा करने का आह्वान किया।



