Friday, May 22, 2026
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मानसून पूर्व तैयारियों की मुख्यमंत्री फडणवीस ने की समीक्षा, एआई आधारित ‘कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम’ विकसित करने के निर्देश

मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में मानसून पूर्व तैयारियों और आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें और आपदाओं के प्रभाव को कम करने पर विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित एकीकृत ‘कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम’ विकसित करने की दिशा में तत्काल कार्यवाही शुरू की जाए। शुक्रवार को सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित समीक्षा बैठक में गिरीश महाजन, मकरंद पाटिल, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राहत एवं पुनर्वसन राज्यमंत्री एड.आशिष जायसवाल तथा राज्य के सभी राजस्व मंडलों के आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हर वर्ष मानसून नई चुनौतियां लेकर आता है, इसलिए पिछले अनुभवों के आधार पर अधिक सक्षम और समन्वित तैयारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल कागजों पर योजनाएं बनाने के बजाय विभागों को मानक कार्यप्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा। त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली, समय पर चेतावनी और प्रभावित नागरिकों तक तत्काल सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को अगले 15 दिनों में तैयारियों की दोबारा समीक्षा कर कमियों को दूर करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मंत्रालय, पुलिस, महानगरपालिका और विभिन्न नियंत्रण कक्षों को एकीकृत कर समन्वित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि इस मानसून में सभी एजेंसियां सतर्क रहकर नागरिकों को अधिकतम राहत प्रदान करें। बैठक में राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल, सेना की तीनों कमांड, तटरक्षक बल, रेलवे, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण, मुंबई महानगरपालिका और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि मानसून के दौरान बांधों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए विभागों के बीच समन्वय और सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने कमजोर पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा खतरनाक पुलों पर यातायात बंद करने के निर्देश दिए। राहत एवं पुनर्वसन मंत्री मकरंद पाटील ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों की फसल, घर, पशुधन और मानव हानि के लिए विशेष राहत पैकेज मंजूर किए हैं। खरीफ सीजन के लिए प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये सहायता, बह गई जमीन के लिए 47 हजार रुपये मुआवजा और रोजगार गारंटी योजना के तहत 5 हजार रुपये तक अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 11 हजार कुओं के लिए पहली बार प्रति कुआं 30 हजार रुपये मुआवजा स्वीकृत किया गया है तथा 1.06 लाख किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 16,224 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में एसडीआरएफ की 10 टीमें कार्यरत हैं और दो अतिरिक्त टीमों को मंजूरी दी गई है। मुंबई में अतिवृष्टि और जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए 43 बड़े पंपिंग स्टेशन सक्रिय किए गए हैं तथा स्मार्ट पंप मॉनिटरिंग प्रणाली शुरू की गई है। कोकण और घाट क्षेत्रों में रेलवे मार्गों पर सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों की गति नियंत्रित रखी जाएगी। अस्पतालों में 3 हजार बेड आरक्षित रखे गए हैं और आपदा प्रबंधन केंद्र 24×7 कार्यरत रहेंगे। बैठक में कोकण, पुणे, नागपुर, नाशिक, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर मंडलों के आयुक्तों ने जिलास्तरीय तैयारियों की जानकारी दी। कोकण क्षेत्र के 939 गांवों को भूस्खलन संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित कर विशेष निवारक उपाय किए जा रहे हैं। सावित्री और वशिष्ठी नदियों में पूर्व में आई बाढ़ को देखते हुए नदीपात्रों से गाद हटाने का कार्य भी किया गया है। इसके अलावा मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर मानसून के दौरान दुर्घटनाएं रोकने के लिए विशेष सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं तथा वर्षा पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।

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