
मुंबई। मुंबई में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच मुंबई पुलिस ने एक और अहम कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की को सोशल मीडिया पर बदनाम करने के आरोप में तीन महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन द्वारा की गई, जिसमें एक आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार भी कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। शिकायत के अनुसार, 19 अप्रैल 2025 को एक WhatsApp ग्रुप में नाबालिग को निशाना बनाते हुए अश्लील और आपत्तिजनक संदेश पोस्ट किए गए थे। इन संदेशों में लड़की के चरित्र पर सवाल उठाए गए और उसकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने जानबूझकर भ्रामक और झूठी जानकारी फैलाकर पीड़िता की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच के दौरान डिजिटल सबूत—जैसे चैट रिकॉर्ड, मैसेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा—की गहन पड़ताल की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और मंशा का खुलासा किया जा सके। तेज़ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गुजरात के एक होटल से गिरफ्तार किया, जहां वह पिछले 10 दिनों से छिपी हुई थी। वहीं, अन्य दो आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं। इस मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है—आरोपियों में से एक ने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों को धमकी दी थी, जिसमें उन्हें वर्दी उतरवाने तक की बात कही गई। इससे पूरे प्रकरण की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह मामला सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर बुलिंग के खतरों को एक बार फिर उजागर करता है, खासकर जब निशाना नाबालिग हो।




