
इंद्र यादव/अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या साइबर थाने से जुड़े रिश्वतखोरी के एक मामले में राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) समेत चार पुलिसकर्मियों को सीकर में कथित रूप से ₹2.80 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि साइबर थाने में दर्ज एक मुकदमे से पीड़ित के भाई का नाम हटाने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। गिरफ्तार आरोपियों में सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह तथा कांस्टेबल पवन त्रिपाठी, सोहनलाल और गौरव चिराग शामिल हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल गौरव चिराग ने पहले मुकदमे से नाम हटाने के लिए ₹4 लाख की मांग की थी, जिसके बाद कथित तौर पर सौदा ₹2.80 लाख में तय हुआ। शिकायत मिलने पर राजस्थान एसीबी ने जाल बिछाया और सीकर में रिश्वत की रकम लेते समय चारों पुलिसकर्मियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने कार्रवाई की पुष्टि की है। फिलहाल एसीबी मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस प्रकरण में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। यह मामला कानून-व्यवस्था से जुड़े तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

