
मिलिंद कदम की 6 सालों की उपलब्धि अवैध निर्माणों संरक्षण देने व नोटिस देकर वसूली कराना
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के एच/पश्चिम विभाग के पदनिर्देशित अधिकारी व कार्यकारी अभियंता मिलिंद कदम पर बीएमसी के सिटी इंजीनियर व अतिरिक्त आयुक्त इनके भ्रष्ट कामों से इतने प्रभावित हैं कि पिछले 6 सालों से उनकी बदली करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसा लगता है कि बीएमसी की प्रशासनिक व्यवस्था मिलिंद कदम के इशारे पर चलती है। सूत्रों के अनुसार, खार पश्चिम के दांडा इलाके में कई अवैध आरसीसी इमारतें खड़ी कराई गईं, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। आरोप यह भी है कि एच/पश्चिम विभाग के कार्यक्षेत्र में सैकड़ो अवैध निर्माणों पर केवल औपचारिक नोटिस देकर कार्रवाई का दिखावा किया गया, जबकि वास्तविकता में वसूली का तंत्र संचालित होता रहा। इस पूरे मामले में सहायक आयुक्त दिनेश पल्लेवाड की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, कनिष्ठ अभियंता रोहन कुमावत भी पिछले 6 सालो से एच/पश्चिम विभाग में भूमाफियाओ से जमकर वसूली कर रहे है। बताया जाता है कि उच्च अधिकारियों को शिकायतें मिलने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूर्व बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी के कार्यकाल में भी इन अधिकारियों की बदली नहीं हो सकी, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं। अब निगाहें नई बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे पर टिकी हैं कि क्या वे इस मामले में जांच के आदेश देंगी और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगी। सूत्रों का दावा है कि यदि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा पिछले वर्षों के कार्यों की जांच कराई जाती है, तो अवैध निर्माणों और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि क्या केवल मुख्यमंत्री ही हस्तक्षेप करेंगे या बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस पर कार्रवाई करेंगे। #mcgm #bmc




