
मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकने ने बुधवार सुबह शिक्षा समिति की अध्यक्ष राजेश्री शिरवाडकर को शिक्षा विभाग का अलग बजट प्रस्तुत किया। वर्ष 2026-27 के लिए पेश किया गया यह बजट 4,248.08 करोड़ रुपये का है, जो मौजूदा शैक्षणिक वर्ष की तुलना में लगभग 300 करोड़ रुपये अधिक है। अविनाश ढाकने ने अपने बजट भाषण में कहा कि शिक्षा में गैप कम करने और हर बच्चे को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए बीएमसी प्रतिबद्ध है।
नेशनल स्टूडेंट आर्मी इनिशिएटिव
बीएमसी स्कूलों की कक्षा 8वीं और 9वीं के विद्यार्थियों के लिए एनसीसी स्क्वॉड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा फिजिकल एजुकेशन विभाग के माध्यम से आगामी शैक्षणिक वर्ष में “नेशनल स्टूडेंट आर्मी इनिशिएटिव” शुरू किया जाएगा।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बदलते पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धतियों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026-27 में बीएमसी स्कूलों के शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए थेरेपी सामग्री
बीएमसी द्वारा संचालित विशेष विद्यालयों में दिव्यांग विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के लिए आवश्यक थेरेपी सामग्री उपलब्ध कराने हेतु 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। टीम स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए स्कूल परिसरों में बास्केटबॉल हाफ व फुल कोर्ट, टेबल टेनिस, पिन बॉल और क्रिकेट नेट पिच जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों की शारीरिक फिटनेस और टीम भावना को प्रोत्साहन मिल सके।
एस्ट्रोनॉमी लैब और इंग्लिश लैब
नई शिक्षा नीति के तहत 55 स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एस्ट्रोनॉमी लैब स्थापित की जा चुकी हैं। वर्ष 2026-27 में 40 और स्कूलों में ऐसी लैब स्थापित की जाएंगी। कक्षा 8वीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 279 इंग्लिश लैंग्वेज लैब बनाने का कार्य जारी है, जिसके लिए 3.87 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
साइंस पार्क और साइबर लिटरेसी
दो स्कूलों में पायलट आधार पर साइंस पार्क विकसित करने के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त कक्षा 8वीं और 9वीं के 20,000 विद्यार्थियों को साइबर लिटरेसी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस परियोजना के लिए 11.80 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे और क्रेडिट पॉइंट्स उनकी शैक्षणिक प्रगति में जोड़े जाएंगे। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में कक्षा 9वीं के 19,317 विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके लिए लगभग 22 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही साथ विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट के बारे में जागरूक करने के लिए नाट्य प्रस्तुति आयोजित की गई। साथ ही जेंडर इक्वालिटी, यौन उत्पीड़न रोकथाम और ड्रग्स के दुष्प्रभावों पर विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सीसीटीवी और फर्नीचर व्यवस्था
सिटी डिवीजन के स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं और सबअर्बन डिवीजन में स्थापना की प्रक्रिया जारी है, जिसके लिए 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नर्सरी से कक्षा 10 तक के विद्यार्थियों के लिए 28,470 डेस्क और 44,938 कुर्सियों की खरीद हेतु 35 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बीएमसी ने बताया कि राज्य सरकार से 7,241.38 करोड़ रुपये की बकाया राशि प्राप्त की जानी है, जिसमें प्राथमिक शिक्षा के 5,655.30 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा के 1,586.08 करोड़ रुपये शामिल हैं। यह राशि 31 मार्च 2025 तक देय है और इस संबंध में राज्य सरकार से निरंतर संवाद जारी है। बीएमसी का यह बजट डिजिटल शिक्षा, बुनियादी ढांचे के विकास, खेल सुविधाओं और विद्यार्थियों की सुरक्षा पर विशेष जोर देता है।




