
छत्रपति संभाजीनगर। ब्लैकमेल और जबरन वसूली के एक चौंकाने वाले मामले में, खुल्ताबाद तालुका के 50 वर्षीय आयुर्वेदिक डॉक्टर को इलाज के बहाने हरसुल स्थित एक आवास पर बुलाकर बंधक बना लिया गया और उनसे 78,000 रूपए नकद तथा 8,000 रूपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए। घटना 28 मई को हुई थी और अब तक एक ही परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी की पहचान शकुंतला संदू लहाने (40) के रूप में हुई है, जिनके साथ उनके पति संदू लहाने (47), दामाद गणेश भालकर (28) और भालकर की पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है। शकुंतला ने आयुर्वेदिक डॉक्टर से चिकित्सा जांच के बहाने संपर्क किया। जब डॉक्टर उनके आवास पर पहुँचे और कमरे में जांच के लिए प्रवेश किया, तो शकुंतला ने कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया। तभी शकुंतला के पति संदू लहाने ने मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी और शोर मचाकर नाटकीय माहौल बना दिया। डॉक्टर के विरोध और समझाने के बावजूद, दंपति ने वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए 5 लाख रूपए की मांग की। इस बीच, शकुंतला की बेटी और दामाद भी मौके पर पहुंच गए और ब्लैकमेलिंग में सक्रिय रूप से शामिल हो गए। डॉक्टर की जेब से 78,000 रूपए नकद जब्त कर लिए गए और उन्हें 8,000रूपए ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया। उन्हें सात घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और लगातार धमकियां दी जाती रहीं। डॉक्टर ने आगे की ब्लैकमेलिंग की आशंका के चलते घटना की जानकारी हरसुल पुलिस स्टेशन को दी। पुलिस निरीक्षक डॉ. सुनीता मिसाल ने मामला दर्ज किया और तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस कार्रवाई के बाद शकुंतला और उनकी बेटी फरार हो गईं, जबकि संदू लहाने और गणेश भालकर को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने दोनों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच अधिकारी, सब-इंस्पेक्टर गणेश केदार ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस परिवार ने इस तरह की घटनाओं को पहले भी अंजाम दिया है।




