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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: ‘ऑर्केस्ट्रा’ के नाम पर नहीं चलेंगे डांस बार, नए लाइसेंस और नवीनीकरण पर रोक

इंद्र यादव/मुंबई। महाराष्ट्र में होटल, रेस्टोरेंट और बार में ‘ऑर्केस्ट्रा’ के नाम पर कथित रूप से चल रहे अश्लील नृत्य और गैरकानूनी गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गृह विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि अब महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 के तहत ऑर्केस्ट्रा के लिए कोई नया लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही, पहले से जारी लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद उनका नवीनीकरण भी नहीं किया जाएगा।गृह विभाग की ओर से जारी परिपत्र में राज्य के संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नए प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।महाराष्ट्र में डांस बारों और अश्लील नृत्य पर नियंत्रण के लिए वर्ष 2016 में विशेष कानून लागू किया गया था। सरकार के अनुसार, इसके बाद कुछ प्रतिष्ठानों द्वारा सार्वजनिक मनोरंजन से संबंधित नियमों के तहत ‘लाइव म्यूजिकल परफॉर्मेंस’ अथवा ऑर्केस्ट्रा के लाइसेंस का सहारा लिया जा रहा था। सरकार के संज्ञान में ऐसे मामले आने के बाद ऑर्केस्ट्रा को भी संबंधित कानून के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया, ताकि नियमों की आड़ में प्रतिबंधित गतिविधियां संचालित न की जा सकें।इस बदलाव के प्रस्ताव को 2 जुलाई 2026 को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। इसके बाद विधानमंडल के मानसून सत्र में संबंधित संशोधन विधेयक पारित किया गया। राज्यपाल की मंजूरी के बाद 22 जुलाई 2026 को इसे महाराष्ट्र शासन के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। 27 जुलाई 2026 को गृह विभाग की सह-सचिव मुग्धा धुरी के हस्ताक्षर से जारी निर्देश राज्य के पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और जिलाधिकारियों सहित संबंधित अधिकारियों को भेजे गए हैं। नई व्यवस्था के तहत महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के अंतर्गत ऑर्केस्ट्रा संचालन के लिए अब कोई नया लाइसेंस जारी नहीं होगा। जिन होटल, रेस्टोरेंट या बार के पास पहले से ऑर्केस्ट्रा लाइसेंस हैं, वे उनकी मौजूदा वैधता अवधि तक प्रभावी रहेंगे, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद उनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद ऑर्केस्ट्रा लाइसेंस के जरिए संचालित होने वाले होटल, बार और अन्य प्रतिष्ठानों पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है। साथ ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि संशोधित कानूनी व्यवस्था का पालन सुनिश्चित किया जाए और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

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