
मुंबई। महाराष्ट्र के मत्स्यव्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मत्स्यव्यवसाय विभाग की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री मत्स्यसंपदा योजना पर जोर देते हुए लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मत्स्यव्यवसाय विभाग की राज्य एवं जिला स्तरीय योजनाओं को महा-डीबीटी (Maha-DBT) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराने की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में मत्स्यव्यवसाय आयुक्त प्रेरणा देशभ्रतार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में नितेश राणे ने बताया कि भूजलाशयी, खारे एवं समुद्री मत्स्यव्यवसाय से संबंधित कुल 28 योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें छह राज्य स्तरीय, 19 जिला स्तरीय तथा तीन संशोधित योजनाएं शामिल हैं। इनमें से 24 योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इनमें चार राज्य स्तरीय, 18 जिला स्तरीय तथा दो संशोधित योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया ऐसी हो, जिससे नागरिकों को कम से कम दस्तावेज जमा करने पड़ें और आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी तथा तकनीकी बाधाओं से मुक्त रहे। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। मंत्री राणे ने कहा कि महा-डीबीटी के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी और समय पर मिल सके।

