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महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: खिलाड़ियों के नकद पुरस्कार बढ़े, दो निजी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालयों को मंजूरी

नेशनल गेम्स, खेलो इंडिया और दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रतियोगिताएं पुरस्कार योजना में शामिल, पिंपलगांव बसवंत में बनेगा वरिष्ठ दीवानी न्यायालय

मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सोमवार को हुई महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की बैठक में खेल, उच्च शिक्षा, न्यायिक व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार योजना का विस्तार करने, दो निजी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालयों की स्थापना, सांगली के जत नगर परिषद को प्रशासनिक भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने तथा नाशिक जिले के पिंपलगांव बसवंत में वरिष्ठ स्तर के दीवानी न्यायालय की स्थापना को स्वीकृति दी।
खिलाड़ियों के नकद पुरस्कार में बड़ी बढ़ोतरी
मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों के लिए नकद पुरस्कार योजना में संशोधन को मंजूरी दी। अब नेशनल गेम्स, खेलो इंडिया तथा दिव्यांग खिलाड़ियों की छह अतिरिक्त प्रतियोगिताओं को भी योजना में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक का पुरस्कार 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये, रजत का 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये और कांस्य का डेढ़ लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दिया गया है। वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमश: 10 लाख, 7 लाख और 5 लाख रुपये मिलेंगे। वहीं नेशनल गेम्स में यह राशि 7 लाख, 5 लाख और 3 लाख रुपये तथा खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में 3 लाख, 2 लाख और 1 लाख रुपये होगी।
यूथ ओलंपिक और ग्रैंड स्लैम विजेताओं को भी मिलेगा बड़ा पुरस्कार
यूथ ओलंपिक और यूथ पैरा ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेताओं की पुरस्कार राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। रजत पदक के लिए 30 लाख और कांस्य पदक के लिए 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। टेनिस की चारों ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपये और उपविजेता को 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिलेगा। बैडमिंटन के थॉमस कप, उबर कप और सुदीरमन कप तथा हॉकी की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को भी नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।
प्रशिक्षकों को भी मिलेगा सम्मान
नई नीति के तहत खिलाड़ी को मिलने वाली पुरस्कार राशि का 10 प्रतिशत उसके प्रशिक्षकों को दिया जाएगा। यह राशि अधिकतम तीन प्रशिक्षकों के बीच उनके योगदान के आधार पर बांटी जाएगी। योजना में डेफ ओलंपिक, आईबीएसए वर्ल्ड चैंपियनशिप, ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप, स्पेशल ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को भी शामिल किया गया है। साथ ही प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले देशों की संख्या के आधार पर पुरस्कार राशि तय करने का नया प्रावधान भी किया गया है।
नागपुर और अहिल्यानगर में दो निजी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय
मंत्रिमंडल ने नागपुर में लता मंगेशकर विश्वविद्यालय तथा अहिल्यानगर में डॉ. बालासाहेब विखे पाटील विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी। नागपुर में वीएसपीएम एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन द्वारा स्थापित किए जाने वाले विश्वविद्यालय में चिकित्सा, दंत चिकित्सा, फिजियोथेरेपी और नर्सिंग के स्नातक, स्नातकोत्तर तथा सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। संस्था के पास 1,138 बिस्तरों वाला अस्पताल उपलब्ध है। अहिल्यानगर में डॉ. विठ्ठलराव विखे पाटील फाउंडेशन द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय में भी चिकित्सा शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित होंगे। संस्था के पास 830 बिस्तरों वाला अस्पताल उपलब्ध है। दोनों प्रस्तावों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की सिफारिश के बाद मंजूरी दी गई।
जत नगर परिषद को प्रशासनिक भवन के लिए भूमि
कैबिनेट ने सांगली जिले की जत नगर परिषद को प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए 2,585 वर्गमीटर सरकारी भूमि उपलब्ध कराने को मंजूरी दी। भूमि का उपयोग केवल प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए किया जाएगा तथा सरकार की पूर्व अनुमति के बिना इसका हस्तांतरण, गिरवी या अन्य उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
पिंपलगांव बसवंत में बनेगा वरिष्ठ दीवानी न्यायालय
मंत्रिमंडल ने नाशिक जिले के पिंपलगांव बसवंत में वरिष्ठ स्तर के दीवानी न्यायालय की स्थापना को भी मंजूरी दी। नए न्यायालय के लिए एक वरिष्ठ दीवानी न्यायाधीश सहित 15 नियमित पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा बाहरी एजेंसी के माध्यम से चार सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाएगी। सरकार का मानना है कि नए न्यायालय की स्थापना से पिंपलगांव बसवंत और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को न्यायिक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और दूरस्थ न्यायालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी।

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