
नवी मुंबई। महज 50 रुपये के किराए के अंतर को लेकर हुए विवाद में 18 वर्षीय ऑटो-रिक्शा चालक की बेरहमी से हत्या किए जाने के मामले का नवी मुंबई क्राइम ब्रांच ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मानखुर्द निवासी साहिल आनंद सर्वे (20) और साहिल यशवंत खरात (20) के रूप में हुई है। पुलिस ने हत्या के बाद आरोपी जिस ऑटो-रिक्शा को लेकर फरार हुए थे, उसे भी बरामद कर लिया है। हालांकि वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, मृतक सुजन कुमार फेकू महतो (18) घंसोली का रहने वाला था और ऑटो-रिक्शा चलाता था। 28 अगस्त की रात वह यात्रियों को ले जाने के लिए निकला था। 29 अगस्त की सुबह करीब 3.36 बजे दोनों आरोपी कोपरखैरणे रेलवे स्टेशन के पास उसके ऑटो में बैठे और मानखुर्द चलने को कहा। महतो ने मानखुर्द जाने के लिए 150 रुपये किराया बताया, जबकि आरोपियों ने कहा कि उनके पास केवल 100 रुपये हैं। इसी 50 रुपये के अंतर को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। पुलिस के अनुसार, ऑटो जब सेक्टर-5 के हनुमान मंदिर इलाके में पहुंचा तो आरोपियों ने कथित तौर पर हथियार निकालकर महतो को धमकाया और उसे ऑटो चलाते रहने के लिए मजबूर किया। बाद में वाशी स्थित फोर्टिस अस्पताल के पास मिनी सीशोर गार्डन इलाके में महतो के पास एक अन्य यात्री का फोन आया। उसने दोनों युवकों से कहा कि उसे दूसरी सवारी मिल गई है और वे ऑटो से उतर जाएं। इसी बात को लेकर विवाद फिर बढ़ गया। आरोप है कि दोनों युवकों ने महतो पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। उसकी गर्दन, सिर और हाथों पर कई वार किए गए। गंभीर रूप से घायल महतो को वहीं छोड़कर आरोपी उसका ऑटो-रिक्शा लेकर फरार हो गए। इस हत्याकांड की जांच में घटनास्थल के पास मिला एक आधार कार्ड महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ। वाशी पुलिस स्टेशन के कॉन्स्टेबल अशोक कचरे हत्या के बाद इलाके से गुजर रहे थे। घटनास्थल की जांच के दौरान उन्हें कुछ मीटर की दूरी पर एक महिला का आधार कार्ड पड़ा मिला। उन्होंने इसकी जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस ने आधार कार्ड के आधार पर महिला का पता लगाया। पूछताछ में सामने आया कि वह वारदात की प्रत्यक्षदर्शी थी। घटना के समय वह कुछ दूरी पर खड़ी थी और उसने आरोपियों को महतो पर हमला करते हुए देखा था। महिला द्वारा बताए गए आरोपियों के हुलिए को सीसीटीवी फुटेज से मिलाया गया, जिसके बाद जांच की दिशा स्पष्ट होती गई। क्राइम ब्रांच यूनिट-1, सेंट्रल क्राइम डिटेक्शन और वाशी पुलिस की अलग-अलग टीमों ने घटनास्थल से लेकर आरोपियों के भागने वाले रास्तों तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण, गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी और प्रत्यक्षदर्शी के बयान के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-1 ने दोनों को मानखुर्द इलाके से गिरफ्तार कर लिया। एसीपी भाऊसाहेब ढोले के अनुसार, दोनों आरोपियों का पता लगाने के साथ मृतक का वह ऑटो-रिक्शा भी बरामद कर लिया गया है, जिसे आरोपी हत्या के बाद लेकर भाग गए थे। अपराध में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी साहिल सर्वे का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है। वर्ष 2024 में ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, गंभीर मारपीट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसे 7 अक्टूबर 2025 को जमानत पर रिहा किया गया था। महज 50 रुपये के किराए को लेकर शुरू हुआ विवाद एक 18 वर्षीय ऑटो चालक की हत्या तक पहुंचने की इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मामले की आगे की जांच वाशी पुलिस कर रही है।

