
मुंबई। बदलते दौर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी समय की जरूरत है। सफलता और असफलता जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, यह समझ विद्यार्थियों में विकसित करना आवश्यक है। यह बात महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कही। सोमवार को अंजुमन-ए-इस्लाम द्वारा संचालित सैफ तय्यबजी गर्ल्स हाईस्कूल एंड जूनियर कॉलेज में वर्ल्ड मेमन ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएमओ) इंडिया और यामा पटेल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सामाजिक कार्यक्रम में जरूरतमंद अभिभावकों को राशन किट वितरित की गई। कार्यक्रम में तटकरे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। तटकरे ने कहा कि अंजुमन-ए-इस्लाम शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। तेजी से बदलते समय और कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में आने वाली पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी उतना ही जरूरी है। शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार, शैक्षणिक संस्थाओं और समाज को मिलकर काम करना चाहिए। कार्यक्रम में अंजुमन-ए-इस्लाम के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. जहीर आई. काजी ने संस्था के शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंजुमन-ए-इस्लाम की स्थापना 152 वर्ष पहले हुई थी और संस्था ने स्वतंत्रता संग्राम में भी योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ संदेश के साथ संस्था ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी बसाओ’ की संकल्पना पर काम कर रही है। संस्था अनाथ लड़कियों की शिक्षा, विवाह और पुनर्वास की जिम्मेदारी भी निभा रही है। ईद-ए-मिलाद के अवसर पर आयोजित इस सामाजिक पहल में जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। आयोजकों ने कहा कि मानवता की सेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सामाजिक संस्थाओं को आगे आना चाहिए। इस अवसर पर सैफ तय्यबजी गर्ल्स हाईस्कूल एंड जूनियर कॉलेज की प्राचार्य अमीना काजी, अंजुमन-ए-इस्लाम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुश्ताक अंतुले, वर्ल्ड मेमन ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष हाजी हसीन आघाड़ी, डब्ल्यूएमओ मुंबई के शहर अध्यक्ष हाजी मुदस्सर पटेल, हाजी इम्तियाज मोटरवाला, नसीन मकलाई, हुरिया पटेल, मुमताज परफ्यूमवाला सहित संस्था के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

