
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित और आर्थिक मजबूती के लिए किए गए आवाहन के अनुरूप महाराष्ट्र के उच्च शिक्षण संचालनालय ने राज्य के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, ईंधन बचत, स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने, विदेश दौरों में कमी तथा जीवनशैली में बदलाव संबंधी निर्देश जारी किए हैं। यह जानकारी राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने दी। गुरुवार को मंत्री चंद्रकांत पाटील ने बताया कि इस संबंध में सभी विभागीय सह-संचालकों, उच्च शिक्षा विभाग तथा राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को निर्देश भेजे गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि जहां संभव हो, निजी वाहनों का उपयोग कम कर मेट्रो रेल और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का अधिक इस्तेमाल किया जाए। इससे ईंधन की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। संचालनालय ने पेट्रोल और डीजल के सीमित उपयोग तथा ऊर्जा बचत को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों को कार पूलिंग जैसी अवधारणाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी कहा गया है। निर्देशों के अनुसार, केवल अत्यंत आवश्यक या अपरिहार्य परिस्थितियों में ही विदेश दौरे किए जाएं। इसके अलावा महत्वपूर्ण बैठकों को छोड़कर अन्य बैठकों का आयोजन ऑनलाइन माध्यम और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करने पर बल दिया गया है। उच्च शिक्षण संचालनालय ने कहा है कि देश की आयात निर्भरता और वित्तीय घाटा कम करने के लिए अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने जैसे कदम अपनाने की भी सलाह दी गई है। राज्य की सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को इन निर्देशों को गंभीरता से लागू करने के लिए कहा गया है। शैक्षणिक परिसरों में इस विषय पर चर्चा सत्र, जागरूकता अभियान और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उच्च शिक्षण मंत्री चंद्रकांत पाटील ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को अपने अधीनस्थ महाविद्यालयों और संस्थानों को तत्काल निर्देश जारी कर कार्यवाही रिपोर्ट उच्च शिक्षण संचालनालय को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।




